इंस्पेक्टर नरेश के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू, 5 दिसंबर को डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था पीएसआई सुमित
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए धौज थाना के पीएसआई सुमित को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही धौज थाना के एसएचओ रहे इंस्पेक्टर नरेश यादव को पुलिस लाइन भेजने के बाद सोमवार को निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं, इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस के तहत पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अभिषेक जोरवाल ने सोमवार को पीएसआई को बर्खास्त व इंस्पेक्टर नरेश को निलंबित व विभागीय जांच शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
ये मामला 5 दिसंबर को सामने आया था। नेक्सा जीपीएस एंड प्रोडक्ट ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक कुरुक्षेत्र निवासी मनोज कुमार ने एसीबी को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 8 सितंबर 2025 को धौज निवासी राहुल ने उनके खिलाफ धौज थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इस मामले में उनकी कंपनी के एक कर्मचारी नफीस को धौज थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। धौज थाने के एसएचओ नरेश कुमार ने उन पर दबाव बनाते हुए कहा कि कंपनी की महिला कर्मचारियों को गिरफ्तार करने का डर दिखाकर 15 लाख रुपए रिश्वत ली। इसके साथ ही एक लाख रुपए पीएसआई सुमित कुमार ने भी लिए।
अब पीएसआई सुमित मामले का चालान अदालत में पेश करने की एवज में फिर से डेढ़ लाख रुपये के लिए दबाव बनाने लगा। शिकायत पर एसीबी कुरुक्षेत्र की टीम 5 दिसंबर को फरीदाबाद पहुंची तो शिकायतकर्ता के कॉल करने पर पीएसआई सुमित ने उसे रुपये लेकर एक फॉर्म हाउस बुलाया। एसीबी ने रिश्वत लेते पीएसआई को रंगेहाथ गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। 6 दिसंबर को पीएसआई को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही धौज थाना एसएचओ इंस्पेक्टर नरेश को भी लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद सोमवार को पीएसआई को नौकरी से बर्खास्त करने और इंस्पेक्टर के निलंबन व विभागीय जांच शुरू करने के आदेश जारी हो गए।