फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: मंदिर जाने वाले रास्ते को बंद करने का किया विरोध, पुलिस ने तीन दलित बहनों को 4 घंटे तक थाने में बैठाया

विज्ञापन
विज्ञापन
- मारपीट करने और मोबाइल के घटना के वीडियो डिलीट करने का भी आरोप
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सिटी थाने के प्रभारी और अग्रसेन चौकी के इंचार्ज पर तीन दलित बहनों ने थाने में 4 घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। मामले में कार्रवाई नहीं होने पर थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।

मोहना रोड स्थित तकिया वाली गली नंबर 8 की रहने वाली गीता और उसकी बहन गंगा देवी ने आरोप लगाया है कि 21 जून को उनकी गली में पिछले 30 वर्षों से बने शिव मंदिर का रास्ता एक तरफ से बंद किया जा रहा था। जब हम तीन बहनों ने इसका विरोध किया तो मंदिर का रास्ता बंद करने वाले लोगों ने पुलिस बुला ली। इसके बाद थाना सिटी बल्लभगढ़ के प्रभारी महेंद्र और अग्रसेन चौकी के इंचार्ज कपिल मौके पर पहुंचे और उन्होंने मंदिर का मौका मुआयना किया। गंगा और गीता का आरोप है कि उनके दलित होने की बात सुनते ही प्रभारी महेंद्र ने कहा कि तुम्हें मंदिर में जाने की क्या जरूरत है और उन्हें जाति सूचक शब्द भी कहे। इस बात को लेकर गंगा और उसकी बहन भड़क गईं और प्रभारी द्वारा कहे गई इस बात का जब उन्होंने विरोध किया तो पुलिसकर्मी ने दुर्गा शक्ति की टीम को बुलाकर उन्हें घर के अंदर से निकाल कर मारपीट करते हुए जबरन गाड़ी में डाल लिया और थाने में ले जाकर तीनों बहनों के साथ मारपीट की और चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा।
विज्ञापन


दोषियों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई

गंगा और गीता का आरोप है कि पुलिस जब उनको लेकर जा रही थी तो उनका एक ढाई साल का बच्चा भी नीचे गिर गया। जिसे चोट आई है। गीता ने बताया की घटना के वीडियो सहित सभी सबूत उनके मोबाइल फोन में थे। थाने में ले जाने के बाद उनसे उनके फोन पुलिस द्वारा छीन लिए गए और 4 घंटे के बाद जब उन्हें छोड़ा गया। पुलिस ने उनके फोन का सारा डाटा डिलीट कर दिया।
विज्ञापन


-



थाना सिटी प्रभारी महेंद्र का कहना है कि जो महिलाओं द्वारा आरोप लगाया गया है, वह पूरी तरह से गलत है। मंदिर के मामले को लेकर कमेटी के लोग ही महिलाओं को दुर्गा शक्ति की मदद से थाने लेकर आए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें