अलग-अलग आकार की प्रतिमाओं को विभिन्न रंगों से सजाकर अंतिम रूप दिया जा रहा है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में बसंत पंचमी को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस पर्व पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु घरों, स्कूलों और संस्थानों में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करते हैं। इसे देखते हुए शहर के मूर्तिकार और दुकानदार अभी से तैयारियों में जुट गए हैं।
सेक्टर-16 में मां सरस्वती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटी महिला कारीगर मोना देवी ने बताया कि बसंत पंचमी उनके लिए खास पर्व होता है। इन दिनों वह अलग-अलग आकार की प्रतिमाओं को विभिन्न रंगों से सजाकर अंतिम रूप दे रही हैं। मोना देवी का कहना है कि मां सरस्वती की प्रतिमा बनाते समय शांति, सौम्यता और ज्ञान का भाव दिखाना जरूरी होता है। हर प्रतिमा को हाथों से सहेजकर तैयार किया जाता है, ताकि श्रद्धालुओं को मनचाहा स्वरूप मिल सके।
वहीं बाबा दीप सिंह चौक के पास सड़क किनारे मूर्तियां बनाने वाले कारीगर राजेश ने बसंत पंचमी के लिए मां सरस्वती की कई मूर्तियां तैयार कर ली हैं। इन दिनों उनकी रंगाई और सजावट का काम चल रहा है। राजेश ने बताया कि बसंत पंचमी नजदीक आते ही ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है। आमतौर पर त्योहार से पांच दिन पहले लोग मूर्ति बुक कराने या खरीदने पहुंचने लगते हैं। उन्होंने कहा कि हर बड़े पर्व से पहले वह पहले से तैयारी करते हैं, ताकि समय पर मांग पूरी की जा सके। इस बार उन्हें पिछले वर्षों की तुलना में अधिक मांग और बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
एनआईटी-पांच मार्केट में छोटी मूर्तियां बेचने वाले दुकानदार सूर्यभान ने भी बनी-बनाई प्रतिमाएं मंगाकर दुकान सजा दी है। सूर्यभान का कहना है कि बसंत पंचमी, गणेश चतुर्थी और नवरात्र में मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग रहती है। शहर में मूर्ति बेचने वालों की संख्या सीमित होने के कारण उन्हें पहले से तैयारी करनी पड़ती है।