नगर परिषद की नई पहल, जिले की गलियां होंगी साफ, जीपीएस से ट्रैक की जाएंगी कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां
55 हजार से अधिक स्थानों पर जाकर घर-घर से कचरा उठाने के साथ किया जाएगा प्रबंधन
मोहित शुक्ला
पलवल। अब पलवल शहर की सड़कों और गली-मोहल्लों में बिखरा कूड़ा-कचरा बीते दिनों की बात हो जाएगी। नगर परिषद ने शहर को स्वच्छ बनाने के पैमाने पर खरा उतरने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। नगर परिषद ने घर-घर से कूड़ा संग्रहण और उसका पृथक्करण शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत शहर के हर घर, दुकान, स्कूल, अस्पताल, होटल, बैंक और अन्य संस्थानों से रोजाना कचरा उठाया जाएगा और प्रोसेसिंग सेंटर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए काम शुरू कर दिया है। लोगों को बार-बार परेशानी न होने इसके लिए एक ही एजेंसी सात साल तक काम संभालेगी।
नगर परिषद पलवल द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन के लिए विशेष एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ताकि वह पूरे शहर में डोर-टू-डोर जाकर कचरा इकट्ठा करे, उसे गीले-सूखे में अलग करे और फिर प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाए। यह व्यवस्था सिर्फ सफाई को ही नहीं, बल्कि शहर के पर्यावरण को भी बेहतर बनाने में सहायक होगी। पहले किसी भी एजेंसी को एक साल के लिए काम सौंपा जाता था लेकिन समय पूरा होने के बाद आगे से कागजी प्रक्रिया में लगने वाले टाइम के कारण शहर में सफाई प्रबंधन खराब हो जाता था। एजेंसी समय पूरा होने पर काम छोड़ देती थी व कागजी प्रक्रिया व प्रस्ताव पास ना होने पर नई एजेंसी काम शुरू नहीं कर पाती थी। इस बार लोगों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
रोजाना घर के बाहर से उठेगा कूड़ा
अब नागरिकों को कूड़ा फेंकने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। तय समय पर सफाई कर्मचारी वाहन के साथ आएंगे और घर से कचरा लेकर जाएंगे। लोगों की शिकायत मिलने व समस्या होने पर उसका निदान भी समय रहते ही किया जाएगा।
दो अलग-अलग कूड़ेदान होंगे जरूरी
हर परिवार को गीले और सूखे कूड़े के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखने होंगे। गीला कूड़ा (जैसे बचा हुआ खाना, सब्जी के छिलके आदि) और सूखा कूड़ा (जैसे प्लास्टिक, कागज़ आदि) अलग-अलग लिया जाएगा। ताकि कचरा प्रबंधन किया जा सके।
सूचना और शिकायत केंद्र :
कोई दिक्कत होने पर लोग शिकायत कर सकें, इसके लिए एजेंसी को एक कॉल सेंटर जैसी सुविधा देनी होगी। जहां नागरिक अपनी समस्या दर्ज करा सकेंगे। समस्या का समय रहते समाधान भी करना आवश्यक होगा।
साफ-सफाई पर नजर रखने को जीपीएस सिस्टम:
कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में जीपीएस लगेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई गली छूटी तो नहीं। नगर परिषद भी इनकी मॉनिटरिंग कर सकेगी। इससे वाहन सभी गलियों में जाएगा व लोगों के घरों से कूड़ा ले लेगा।
रजिस्टर में होगी जानकारी :
किस दिन, किस जगह से कितना कचरा उठा, इसका ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
किन इलाकों को मिलेगा लाभ
पलवल शहर की हर छोटी-बड़ी बस्ती, कॉलोनी, अपार्टमेंट, बाजार, अस्पताल, होटल, स्कूल-कॉलेज, धार्मिक स्थल और सरकारी दफ्तर इस योजना के अंतर्गत आएंगे। नगर परिषद ने 55,000 से अधिक परिसरों की पहचान की है, जहां से नियमित रूप से कूड़ा एकत्र किया जाएगा।
पर्यावरण और स्वास्थ्य को फायदा
यह योजना केवल शहर की सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के संरक्षण के लिए भी अहम है। खुले में पड़ा कचरा बीमारियों की जड़ होता है, जिससे डेंगू, मलेरिया, सांस की समस्या जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। अब जब हर दिन कूड़ा उठेगा और उसे वैज्ञानिक तरीके से निपटाया जाएगा, तो इन समस्याओं में काफी हद तक कमी आएगी।
लोगों से भी की गई अपील
नगर परिषद ने यह स्पष्ट किया है कि सिर्फ सिस्टम से कुछ नहीं होगा। लोगों को भी सहयोग करना होगा कि समय पर कूड़ा बाहर रखना, उसे अलग-अलग करना, इधर-उधर न फेंकना और सफाईकर्मियों के काम में सहयोग देना बेहद जरूरी होगा।
सरकार की नई पॉलिसी के तहत सात साल तक एक की एजेंसी यह काम देखेगी। लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए यह योजना काफी लाभदायक साबित होगी। - एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नगर परिषद, डालचंद