Patient dies during operation in Metro Hospital, family members created ruckus alleging negligence
फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित मेट्रो अस्पताल में हर्निया के इलाज के लिए आए बल्लभगढ़ निवासी सीनियर इंजीनियर कृष्णकांत अग्रवाल की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया है। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने सेक्टर-17 थाना से पुलिस बुला ली। पुलिस ने लोगों को समझाकर शव का पोस्टमार्टम कराया।
विष्णु कॉलोनी निवासी 29 वर्षीय कृष्णकांत अग्रवाल गुरुग्राम की एक कंपनी में सीनियर इंजीनियर थे। उन्हें हर्निया के इलाज के लिए 28 दिसंबर की रात को मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान एक नस कट जाने से खून बहना बंद नहीं हो रहा था। इस पर डॉक्टरों ने परिजनों को खून का इंतजाम करने को कहा गया। परिजन चार यूनिट खून लेकर आए। इस दौरान कृष्णकांत का बीपी डाउन हो गया और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि बीपी डाउन होने के बाद दोबारा ऑपरेशन किया गया, लेकिन कृष्णकांत के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। 29 दिसंबर शाम करीब तीन बजे डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने अस्पताल में नारेबाजी शुरू कर दी।
सूचना पाकर थाना 17 प्रभारी सतीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। मृतक के पिता बलराम अग्रवाल, चाचा सुनील गोयल तथा छोटे भाई मनीष ने डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। रिपोर्ट शुक्रवार को आएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस बारे में अस्पताल प्रबंधन से बातचीत करने का प्रयास किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
मरीज जब लाया गया था, उसे रक्तस्त्राव हो रहा था। परिजनों से सहमति लेकर उसका दो बार ऑपरेशन किया गया। परिजनों ने हंगामा किया था लेकिन अस्पताल की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। सभी लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। - अश्वनी बवेजा, प्रवक्ता मेट्रो अस्पताल।