संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान अभिभावकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रोजाना 30 से अधिक अभिभावक अपनी शिकायतें लेकर जिला शिक्षा कार्यालय पहुंच रहे हैं। जबकि कई ने निदेशालय पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई हैं। निजी स्कूलों के विरुद्ध शिकायतों के मामले में फरीदाबाद जिला पूरे प्रदेश में छठे स्थान पर है।
शहर में इस समय 1,000 से अधिक निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि अधिकतर स्कूल मनमानी कर रहे हैं, विशेषकर स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) देने के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं, जबकि नियमानुसार टीसी के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता।
इसके अलावा हर साल किताबें और ड्रेस बदलना, फीस में मनमानी बढ़ोतरी, निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव और फार्म-6 न भरने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए ईमेल के माध्यम से और कार्यालय में आकर लोग लगातार शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। पिछले 35 दिनों में करीब 1050 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह का कहना है कि अभिभावकों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता पर किया जा रहा है। अधिकारी निजी स्कूलों का निरीक्षण कर मान्यता और फार्म-6 से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी कर रहे हैं। हालांकि, विभाग की सख्ती के बावजूद निजी स्कूलों पर इसका खास असर नजर नहीं आ रहा है। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे मनमानी करने वाले स्कूलों की शिकायतें प्रमाण सहित विभाग को दें, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।