डीन ने दिए आदेश, ईएसआईसी ने हाउस कीपिंग एजेंसी से सात दिन में मांगा स्पष्टीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की रेड के बाद संस्थान ने हाउस कीपिंग एजेंसी को नोटिस जारी किया है। कॉलेज के डीन डॉ. अनिल पांडे ने भ्रष्टाचार में शामिल दोनों आरोपियों की तुंरत प्रभाव से सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए हैं। साथ ही एजेंसी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एजेंसी पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
बल्लभगढ़ निवासी कर्मवीर की शिकायत पर पिछले दिनों एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी अस्पताल में एसीबी की टीम ने कार्रवाई की थी। टीम ने छापा मारकर राकेश को 1.80 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान एक अन्य ठेका कर्मचारी मिल्हाड कॉलोनी निवासी हाकिम की भी संलिप्तता पाई गई। टीम ने उसके घर से 1.20 लाख रुपये बरामद किए थे। दोनों आरोपी हाउस कीपिंग एजेंसी के माध्यम से अस्पताल में ठेके पर काम कर रहे थे।
एसीबी की कार्रवाई के बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। इस दौरान डॉ. अनिल पांडे ने बताया कि ईएसआईसी अस्पताल चिकित्सा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए जाना जाता है। पिछले दिनों एसीबी की कार्रवाई हुई, जिसमें निजी एजेंसी की तरफ से कार्यरत दो संविदा कर्मियों द्वारा कथित तौर पर नौकरी की एवज में पैसे के लेनदेन का मामला सामने आया। उक्त प्रकरण में संस्थान के किसी भी कर्मचारी के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर लिप्त होने की कोई सूचना नहीं है। हाउस कीपिंग एजेंसी को नोटिस जारी कर आरोपियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने और स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त अस्पताल में भ्रष्टाचार के मामलों की रोकथाम के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक कमेटी का गठन की गई है जोकि एजेंसी द्वारा की गई नियुक्तियों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौपेगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान सत्यनिष्ठा के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही वह एसीबी की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। यदि इस मामले में अन्य किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता की सूचना मिलती है तो उसे तुंरत प्रभाव से नौकरी से निकाला जाएगा।