खेल फंड को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपनाया कड़ा रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के 70 फीसदी से अधिक गैर सरकारी स्कूलों की ओर से खेल फंड शिक्षा विभाग को जमा नहीं कराया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए फरीदाबाद व बल्लभगढ़ मौलिक शिक्षा अधिकारियों से ऐसे स्कूलों का ब्योरा मांगा है। जिन्होंने पिछले तीन वर्षों से खेल फंड जमा नहीं कराया है। ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है। वहीं, 2024-25 के दौरान छात्र संख्या के अनुसार सरकारी, निजी और सहायक प्राप्त स्कूलों से खेल निधि राशि का बैंक ड्राफ्ट बनाकर 30 जुलाई तक देने का निर्देश दिया गया है।
जिले में करीब 1700 से अधिक निजी स्कूल है। इसमें से मात्र चार सौ स्कूल संचालक ही खेल फंड को जमा कराते है। जबकि स्कूल संचालकों को पत्र भेजने के बाद भी खेल फंड जमा नहीं कराते। निजी स्कूल संचालक खेल गतिविधियों के रूप में अभिभावकों से पैसा लेते हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित खेल प्रतियोगिता के शुल्क जमा नहीं कराते हैं। जबकि स्कूलों को खेल फंड और टूर्नामेंट फीस सत्र के शुरू में ही शिक्षा विभाग को जमा करना अनिवार्य होता है।
आरोप है कि सत्र शुरू होने के करीब चार महीने बीत जाने बाद भी निजी स्कूलों ने टूर्नामेंट फीस और खेल फंड जमा नहीं करवाया है। विभाग के शेड्यूल के अनुसार अगस्त में खंड और जिलास्तरीय स्कूल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं शुरू हो सकती हैं। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग ने 30 जुलाई तक 2024-25 का खेल फंड जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल के मुखिया को बच्चों की गिनती के अनुसार प्रोफार्मा भरकर जमा करवाने का निर्देश दिया गया है।
प्रति महीने के हिसाब से जमा कराना होगा फंड
9वीं-10वीं में पढ़ने वाले बच्चे का खेल फंड 30 रुपए जमा कराना होगा। जबकि, 11वीं-12वीं के कला के छात्रों को 60 रुपये, वाणिज्य के छात्रों को 72 रुपये और विज्ञान के छात्रों को 90 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से 12 महीने की रकम का 70 प्रतिशत ड्राफ्ट के जरिये जिला शिक्षा कार्यालय में जमा करवाना होगा। पहली से 5वीं कक्षा तक के छात्रों को 5 रुपये और 6ठी से 8वीं कक्षा तक के छात्रों को 10 रुपये प्रति महीने जमा कराना होगा।
वर्जन
जिले के 70 फीसदी से अधिक निजी स्कूल संचालक खेल फंड जमा करने में रूचि नहीं दिखा रहे है। तय समय के अंदर खेल फंड जमा नहीं कराया गया तो स्कूल संचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित खेल प्रतियोगिता में उस स्कूल के खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
-हरवीर अधाना, सहायक खेल अधिकारी (शिक्षा)