आदेश था कि झंडे की खरीदारी रेडक्रॉस से ही करें। इसके लिए एकमुश्त राशि जमा करें। वर्क ऑर्डर दें। स्कूल प्रबंधकों को कम विद्यार्थी होने के बावजूद एक जैसी खरीद के ऑर्डर टेंशन दे रहे थे। ऐसे में विरोध ने जोर पकड़ा। कांग्रेस से एनआईटी विधायक नीरज शर्मा ने मामले का खुलकर विरोध किया। साथ ही कहा कि झंड़ा खरीदने का कोई जबरन आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। मुहिम व अभियान जागरूकता व इ्च्छाशक्ति के मुद्दे हैं। राजनीति या जबरजस्ती इसमें बर्दाश्त नहीं। उन्होंने घर-घर तिरंगा अभियान के लिए एक माह का विधायक वेतन इसके लिए दान किया है। साथ ही अन्य नेता व विधायकों से भी आगे आने की अपील की है।
हर घर तिरंगा अभियान जारी है। हर बच्चे को तिरंगा देने के मकसद से आदेश दिए गए। आदेशों की पालना पर विभागीय आदेश जारी किया गया। आदेश निरस्त करने के लिए कहा गया है। -डॉ. मुनेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
तिरंगा खरीदने के लिए प्रशासन ने जिला शिक्षा विभाग को कोई आदेश नहीं दिए। यह ऐच्छिक कार्य है। सभी स्वतंत्र है। स्कूल की सभी एसोसिएशन को आश्वासन दे दिया गया है। शिक्षा विभाग ने आदेश भी वापस ले लिए हैं। - जितेंद्र यादव, जिला उपायुक्त, फरीदाबाद।