संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बसों के प्रवेश को लेकर नए प्रावधान लागू होंगे। एक नवंबर से दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-4 मानक वाली डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसे में फरीदाबाद से दिल्ली जाने वाली बसों के संचालकों को भी अपने वाहनों के दस्तावेज और ईंधन मानक की जांच करनी होगी।
जिला परिवहन अधिकारी एवं प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य बसों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है। दिल्ली में पंजीकृत बसों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। अन्य बस सेवाओं को संबंधित निर्देशों और लागू प्रावधानों के अनुसार नियमों का पालन करना होगा।
परिवहन विभाग ने बस संचालकों, टूर ऑपरेटरों, परिवहन यूनियनों, स्कूलों और परमिट धारकों से समय रहते तैयारी पूरी करने की अपील की है। संचालकों को बसों के पंजीकरण प्रमाणपत्र, ईंधन और उत्सर्जन मानक की जांच करनी होगी। बीएस-VI से पुराने मानक वाली डीजल बसों को 31 अक्तूबर के बाद दिल्ली मार्ग पर नहीं चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीक से होगी निगरानी
दिल्ली की सीमाओं पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान या अन्य तकनीकी प्रणालियों के जरिए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और संबंधित एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। विभाग ने कहा कि बस संचालक समय रहते व्यवस्था करें, ताकि एक नवंबर से यात्रियों को परेशानी न हो और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास प्रभावी बन सकें।