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जिसका भरा पेट उसी ने मारी लात: रोटी खिलाने गए बुजुर्ग पर गाय का हमला, मौत; पूजा-पाठ के बाद रोज करते थे ये काम

Sat, 11 May 2024 05:06 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बल्लभगढ़

सार

पवन ने बताया कि उनके पिता भजनलाल हर रोज सुबह पूजा पाठ करने के बाद सबसे पहले लावारिस गाय व कुत्तों को खाना खिलाने के लिए जाते थे।
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गाय के हमले में बुजुर्ग की मौत (सांकेतिक फोटो) - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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हरियाणा स्थित बल्लभगढ़ सेक्टर तीन निवासी वृद्ध सुबह के समय लावारिस गोवंशों को रोटी खिलाने के लिए गए थे। इस दौरान गाय ने उनके ऊपर हमला कर दिया। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना 23 अप्रैल को हुई थी। उनकी उपचार के दौरान नौ मई की रात को उपचार के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग हर रोज सुबह के समय लावारिस गाय व कुत्तों को खाना खिलाते है।

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सेक्टर तीन निवासी पवन ने बताया कि उनके पिता भजनलाल हर रोज सुबह पूजा पाठ करने के बाद सबसे पहले लावारिस गाय व कुत्तों को खाना खिलाने के लिए जाते थे। 23 अप्रैल को भी वह सुबह 10 बजे गली के कोने पर खड़ी गाय को रोटी खिलाने के लिए गए। उस दौरान उनको अंदेशा हुआ कि गाय उनको मारने वाली है। तो वह दौड़ने लगे तो उन्होंने रास्ते में गिर गए। उसके बाद उनके ऊपर लावारिस गाय ने हमला कर दिया। स्थानीय लोगों की मदद से गाय को भगाया गया। उसके बाद पिता भजनलाल को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनको अंदरूनी चोट है। उनका 24 अप्रैल को ऑपरेशन हुआ। उसके बाद उनकी उपचार के दौरान नौ मई की रात को मौत हो गई।

पहले भी कई हो चुके है हादसे
सेक्टर तीन निवासी हैप्पी ने बताया कि सात अप्रैल को सेक्टर में रहने वाली महिला अपने दो बच्चों को ट्यूशन ने शाम के समय लेकर जा रही थीं। तभी एक गाय ने उनके बच्चे को सिंघ पर उठाकर सड़क पर फेंक दिया। वहीं उनके गली में रहने वाले एक ओर बुजुर्ग को भी दो दिन पहले लावारिस गाय ने टक्कर मार दी।
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प्रतिदिन लावारिस गोवंशों को पकड़ने का दावा
नगर निगम सेनेटरी इंस्पेक्टर ब्रिज मोहन ने बताया कि उनके पास दो गाड़ियां हैं जिसमें वह हर रोज 10 से 12 लावारिस जानवरों को पकड़ती हैं। इन जानवरों को पकड़ने के बाद सरकारी गौशाला में भेज दिया जाता है। उनके पास कर्मचारियों की कमी होने की वजह से वह सफाई कर्मचारियों की सहायता से पकड़ते हैं।
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