जिले के सरकारी अस्पतालों का अधिकारी बार-बार कर रहे हैं निरीक्षण लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी अस्पताओं में अधिकारियों के बार-बार निरीक्षण करने के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है। सोमवार को एक बार फिर हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. ब्रह्म दीप ने फरीदाबाद पहुंचकर जिला नागरिक अस्पताल, सेक्टर-3 स्थित एफआरयू-II और एसडीसीएच बल्लभगढ़ का निरीक्षण किया। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, कैजुअल्टी, माइनर ओटी और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। हालांकि उनके पहले औचक निरीक्षण के एक महीने के भीतर ही रेफर के दौरान पांच माह की बच्ची की मौत का मामला सामने आने से अस्पतालों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में आ गई थी।
निरीक्षण के दौरान डॉ. ब्रह्म दीप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले सभी पात्र मरीजों की आयुष्मान भारत योजना के तहत स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि पीएमजेएवाई योजना का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने एफआरयू-II का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने, अधिक मरीजों का उपचार वहीं करने और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात करने के भी निर्देश दिए। एसडीसीएच बल्लभगढ़ में उन्होंने बेहतर समन्वय के साथ मरीजों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
अधिकारी के दौरे के एक महीने के भीतर रेफर से हुई थी बच्ची की मौत
डॉ. ब्रह्म दीप के पिछले निरीक्षण के कुछ समय बाद ही एयरफोर्स रोड डबुआ कॉलोनी निवासी जितेंद्र यादव की पांच माह की बेटी की मौत का मामला सामने आया था। परिजनों के अनुसार बच्ची को पहले ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से रेफर किया गया और बाद में बीके नागरिक अस्पताल में भी भर्ती नहीं किया गया। आरोप है कि बच्ची को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और रेफर प्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके अलावा हाल के दिनों में एफआरयू बल्लभगढ़ में डिलीवरी से जुड़े मामले तथा दवाइयों की हेराफेरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
20 मई को एडीसी और 22 को स्वास्थ्य निदेशक ने किया था औचक निरीक्षण
इन मामलों के बीच अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया ने अस्पताल में फैली दुर्गंध पर नाराजगी जताते हुए शौचालयों की व्यवस्था बदलने और साफ-सफाई सुधारने के निर्देश दिए थे। वहीं राज्य स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सविता यादव ने अस्पताल परिसर और ब्लड कलेक्शन सेंटर के बाहर भीड़भाड़ की स्थिति पर चिंता जताते हुए व्यवस्था सुधारने को कहा था।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत एवं पीएमजेएवाई योजना का पूरा लाभ मिलना चाहिए।-डॉ. ब्रह्म दीप