फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग लगातार गर्भपात की दवाइयां बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों और लिंग जांच करने वालों पर छापेमारी कर रहा है। शहर में इसका असर देखने को भी मिला है। जनवरी के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 1000 लड़कों की तुलना में 911 लड़कियां हैं। फरीदाबाद का नाम प्रदेश के उन शहरों में टॉप लिस्ट में हैं, जिनमें लाडों की संख्या सबसे कम था। जिला स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता शिविरों और डोर-टू डोर अभियान का असर हुआ है।
10 मेडिकल स्टोर पर हो चुकी कार्रवाई
विभाग के मुताबिक जनवरी 2023 के आंकड़ों के मुताबिक 4089 बच्चों ने जन्म लिया। जिनमें से 2140 लड़के और 1949 लड़कियां हैं। शहर में 1000 लड़कों पर 911 लड़कियां हैं। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2023 में अभी तक 10 मेडिकल स्टोर और क्लिनिक पर कार्रवाई की जा चुकी है। अधिकतर कार्रवाई सूचना के आधार पर की गई है।
ऐसे में मामले सबसे ज्यादा एनआईटी, ओल्ड और बल्लभगढ़ एरिया से सामने आते हैं, मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग को सूचना के आधार पर डबुआ कॉलोनी स्थित हंस क्लिनिक पर गर्भपात की दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान भारी संख्या में एमटीपी किट भी बरामद की गई। इससे पहले रविवार को खेड़ीपुल के पास स्थित चांदसी क्लीनिक पर गर्भपात की दवाइयां देने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
सजा का है प्रावधान
पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. मान सिंह ने बताया कि गर्भपात की दवाइयां बेचना कानूनी अपराध है, इस प्रकार से कोई पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। कम से कम 2 से 7 साल की सजा का प्रावधान है। अपराधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। विभाग लगातार कार्रवाई में जुटा हुआ है। लगातार जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त गांव और कॉलोनियों में विभाग की टीमें सक्रिय हैं, लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
अधिकारी से बातचीत
विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। गर्भपात करने वाले या गर्भपात की दवाइयां बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ हो लोगों को विभाग की ओर से जागरूक भी किया जा रहा है।,
विनय गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी