खेल विभाग अब खिलाड़ियों के खेल में बेहतर प्रदर्शन का ही नहीं, उनके स्वास्थ्य का ध्यान भी रखेगा। विभाग की ओर से खिलाड़ियों का स्वास्थ्य रिकार्ड भी तैयार किया जाएगा। खिलाड़ियों में खून की कमी, शरीर में लचीलापन, मोटापा, असमान विकास सहित कई अन्य बीमारियों का पता लगाया जाएगा। अगर खिलाड़ियों में किसी प्रकार की बीमारी पाई जाती है, तो प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जागरूक किया जाएगा।
शरीर में लचीलापन, मोटापा, असमान विकास सहित कई अन्य बीमारियों का पता लगेगा
अभियान को सफल बनाने के लिए खेल एवं स्वास्थ्य के अलावा महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग का भी सहयोग लिया जा सकता है। खेल विभाग के अधिकारी की मानें तो अगर किसी खिलाड़ी में स्वास्थ्य संबंधी या अन्य किसी प्रकार की समस्या पाई जाती है, तो उसे सुधारने की रणनीति तैयार की जाएगी। इस संदर्भ में निदेशालय की ओर से खेल अधिकारियों को जल्द दिशानिर्देश देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को संतुलित आहार के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी।
जांच के दौरान खिलाड़ी में अगर किसी प्रकार की खामी पाई जाती है, तो उपचार करवाया जाएगा। स्वास्थ्य कार्ड तैयार करने के बाद खेल विभाग उसकी कॉपी स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग को भी सौंपेगा। खिलाड़ियों के कार्ड पर उनके घर का पता और फोन नंबर दिए जाएंगे, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य को सुधारा जा सके।
1000 से अधिक खिलाड़ी करते हैं अभ्यास
सेक्टर-12 खेल परिसर में एथलेटिक, फुटबॉल, वॉलीबाल, हॉकी, तलवार बाजी सहित कई अन्य खेलों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी अभ्यास के आते हैं। इन खिलाड़ियों को स्वास्थ्य जांच के साथ डोपिंग के विषय में भी जागरूक किया जाएगा। कई बार देखा गया है कि खिलाड़ी प्रतियोगिता के दौरान व इससे पूर्व अपनी बीमारी के कारण ऐसी दवा का सेवन कर लेते हैं जो डोपिंग में प्रतिबंधित सूची में आती है। खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाइयों के विषय में भी जानकारी दी जाएगी।
खिलाड़ी शारीरिक रुप से रहेंगे स्वस्थ
खिलाड़ियों का स्वास्थ्य जांच कराने की रणनीति तैयार की जा रही है। जिससे प्रदेश के खिलाड़ी खेल में बेहतर प्रदर्शन के साथ शारीरिक रूप से स्वस्थ भी रहें।,
गिरीराज सिंह, उपनिदेशक खेल विभाग