फरीदाबाद। खोरी गांव में तोड़फोड़ कार्रवाई रविवार को नहीं हुई। कर्मचारियों व पुलिस अधिकारियों को एक दिन का आराम दिया गया। इस दौरान गांव में कोई तोड़फोड़ दस्ता न पहुंचने से लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार को गांव में केवल मलबा बेचने का काम किया गया। इसके लिए निगम की ओर से मलबा खरीदने वाले ठेकेदार और कबाड़ियों को प्रवेश की अनुमति दी गई। अधिकारियों के अनुसार तोड़फोड़ कार्रवाई आगे भी तर्ज पर जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले 15 दिनों से खोरी गांव में तोड़फोड़ चल रही है। खोरी में जंगल की जमीन को कब्जा मुक्त करके दोबारा जंगल बनाए जाने का आदेश है। इसे लेकर नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए गांव तोड़फोड़ कर रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में खोरी गांव को लेकर हुई सुनवाई में कोर्ट में नगर निगम को तोड़फोड़ के लिए चार सप्ताह का समय और दिया है। इस दौरान निगम और वन विभाग को खोरी के साथ अरावली में वन विभाग की जमीन पर हुए सभी प्रकार के अतिक्रमण को हटाना है। इससे जहां निगम अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं तोड़फोड़ कार्रवाई की रणनीति में भी निगम ने बदलाव किया है।
इसके तहत तोड़फोड़ कार्रवाई को एक दिन के लिए बंद रखा गया। खोरी में लगे सभी पुलिस कर्मियों को आराम दिया गया। इस कारण गांव में पुलिस कर्मी नहीं दिखे। तोड़फोड़ के बाद खाली जगह पर निगम ने अपने बोर्ड लगा दिए है। इस पर चेतावनी लिखी गई कि कोई इस जमीन पर कब्जा न करें। ऐसा करने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम द्वारा लगातार तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को गांव में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। दिल्ली लालकुआं तीन नंबर चुंगी के अवैध निर्माणों को तोड़ा गया। इस कारण रविवार को भी लोग सुबह से चिंता में बैठे हुए थे कि आज उनके घरों को तोड़ दिया जाएगा लेकिन, दोपहर तक गांव में तोड़फोड़ दस्ता नहीं पहुंचने पर लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं बेघर हुए लोगों ने अपने घर उजड़ने के बाद मौके पर ही चूल्हा बनाकर खाना बनाया। कुछ लोगों ने राधा स्वामी सत्संग आश्रम में भोजन किया और आश्रय लिया।
कबाड़ियों ने औने-पौने दामों पर की खरीद
तोड़फोड़ के दौरान मलबे में दबा सामान को लोगों ने बाहर निकाला। कुछ लोगों ने गैस कटर से काट कर लोहे के गाटर और जंगलों को बाहर निकाला और उसे कबाड़ियों को बेच दिया। इसी तरह घरों के मलबे को ठेकेदारों ने लोगों से मनमाने दाम पर खरीदा। कई जगह स्थिति ये देखने को मिली कि कबाड़ियों के अनुसार दाम न देने पर उन्होंने सामान खरीदने से इनकार कर दिया। ऐसे में लोग मजबूरी वश अपने सामानों को बेचते नजर आए।
आज होगी भारी तोड़फोड़
एक दिन राहत के बाद गांव में सोमवार को एक बार फिर नगर निगम की ओर से भारी तोड़फोड़ की तैयारी की गई है। इसके लिए निगमायुक्त की ओर से तोड़फोड़ दस्ते को आदेश जारी किए गए है। सात पोकलेन और सात अर्थमूवर मशीनों से एक बार फिर दिल्ली लालकुआं के आसपास के अवैध निर्माणों को तोड़ा जाएगा।
वर्जन
खोरी गांव में जब तक सभी मकानों को तोड़ नहीं दिया जाएगा कार्रवाई जारी रहेगी। एक दिन के लिए लोगों को अपने मकानों का मलबा और सामान बेचने के लिए छूट दी गई है, जिससे लोग आसानी से अपने मकान के मलबे को ठेकेदार को बेच सके। जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सके। - डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त