13 जून की शाम को दुकान से बर्फ लेने गया था बच्चा, नशीली दवा की ओवरडोज से हुई मौत
बच्चे की हत्या करने के बाद शव गांव प्रहलादपुर माजरा नहर के पास फेंका
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-62 के रहने वाले मेडिकल स्टोर संचालक ने 20 लाख रुपये का कर्ज उतारने के लिए दुकानदार के बेटे की फिरौती मांगने की नीयत से अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने बच्चे को बेहोश करने के लिए नशीला इंजेक्शन का इस्तेमाल किया था। नशीली दवा की मात्रा अधिक होने के चलते बच्चे की मौत हो गई। आरोपी ने शव को खुर्दबुर्द करने की नीयत से गांव प्रहलादपुर माजरा के पास से गुजर रही आगरा नहर में फेंकने कोशिश की, लेकिन बच्चे का शव झाड़ियों में अटक गया। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी विशाल को गिरफ्तार कर लिया है।
सेक्टर-62 निवासी उमेश चंद की परचून की दुकान है। उनके दो बेटे हैं, बड़ा बेटा कुश 8वीं कक्षा का छात्र है। वहीं छोटा बेटा गगन तीसरी कक्षा में पढ़ता है। 13 जून को शाम 6:30 बजे के करीब उसका बेटा 13 वर्षीय कुश अपनी दुकान से पड़ोस की दुकान पर बर्फ लेने के लिए साइकिल लेकर निकला था। बच्चा जब बर्फ लेकर काफी समय तक घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों ने ढूंढना शुरू कर दिया। 10 मिनट तक जब बच्चा घर नहीं आया तो मां प्रियंका अपने बच्चे को खोजने के लिए निकली। उसके कुछ समय के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गए। लेकिन उनके बेटे कुश का कहीं कुछ पता नहीं चला।
करीब दो घंटे तक जब कुश का कुछ पता नहीं चला तो माता-पिता के साथ सेक्टर के करीब 200 से अधिक लोगों ने बच्चे को ढूंढना शुरू कर दिया। जिसके बाद गली में लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक करने पर पता चला कि बच्चा साइकिल पर 6 बजकर 25 मिनट पर आरोपी के घर से कुछ मकान तक दिखाई दिया। जिसके बाद लोगों ने कैमरे के आधार पर आगे के मकानों की जांच शुरू कर दी। इस दौरान आरोपी विशाल भी बच्चे को ढूंढने के लिए मदद कर रहा था। करीब 10 बजे आरोपी अपने घर का ताला लगाकर सोने के लिए चला गया लेकिन लोगों ने तलाशी जारी रखी। देर रात जब लोगों ने दरवाजा खोलने के लिए गेट को बजाया तो उसने नहीं खोला। जिसके बाद दूसरे पड़ोसी की छत से जाकर जांच की तो बच्चे कुश की साइकिल आरोपी विशाल की छत पर मिली। पड़ोसियों ने विशाल पर बच्चे के अपहरण का शक जताया और विशाल को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
थर्ड डिग्री के बाद आरोपी ने बताया बच्चे के बारे में
पड़ोसियों ने आरोपी विशाल को 14 जून की रात दो बजे पुलिस के हवाले कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने पूछताछ की लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। पुलिस ने जब थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया तो आरोपी ने बताया कि उसने बच्चे को मार दिया है। 14 जून की शाम को पुलिस ने आरोपी विशाल की निशानदेही पर बच्चे के शव को बरामद कर लिया। आरोपी ने बताया कि कुश का फिरौती मांगने के लिए अपहरण किया था। आरोपी ने कुश को मीठी गोली के नाम पर नशे की गोलियां खिला दी थी। इससे पहले कि आरोपी फिरौती की मांग करता, नशे की गोलियों की अधिक मात्रा के कारण कुश की मृत्यु हो गई थी।
दुकान से 40 मीटर पर हुआ बच्चे का अपहरण
सेक्टरवासियों ने बताया कि बच्चे का घर दुकान से मात्र 40 मीटर की दूरी पर है। वह पहले अपनी दुकान पर पापा के पास था लेकिन उसके बाद पड़ोस की दुकान से बर्फ लेने के बाद घर आ रहा था। शाम 6 बजे के बाद सेक्टर के सभी लोग सड़कों पर घरों के बाहर घूमते हैं। बच्चा कुश आरोपी विशाल को अच्छे से जानता था, तो वह उसके साथ आसानी से चला गया। घर पर ले जाने के बाद उसको बेहोश करने के लिए नशीले इंजेक्शन दिए गए ताकि बच्चा शोर न मचा सके। सीसीटीवी कैमरे में बच्चा शाम के 6 बजकर 25 मिनट तक दिखाई दे रहा है, उसके बाद अचानक से गायब हो गया। उसी शक पर आरोपी को पकड़ा गया।
साढ़े तीन घंटे तक लगाया जाम
बच्चे का शव मिलने के बाद सेक्टरवासियों ने मोहना रोड पर स्थित आदर्श नगर थाने के सामने जाम लगा दिया। यह जाम दोपहर के बाहर बजे तक लगा रहा। जाम लगने की वजह से उस सड़क से गुजरने वालों को दूसरे रास्ते का प्रयोग करना पड़ा। लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि पुलिस ने तीन आरोपियों में से दो आरोपियों को छोड़ दिया है। दूसरे थानों से भी पुलिस कर्मियों को बुलाया गया। थाना आदर्श नगर प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपी विशाल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर ले लिया है। वारदात में प्रयोग गाड़ी को बरामद कर लिया गया है। वहीं परिवार वालों की ओर से एक शिकायत और दी गई है, जिसमें आरोपी विशाल के बड़े भाई, पिता, बहनोई और मां का नाम भी लिखवाया है।