फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र स्थित खोरी गांव में नगर निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रही। नगर निगम तोड़फोड़ दस्ते ने करीब सौ अवैध कब्जों को जेसीबी से ढहा दिया। मौके पर लोगों का हल्का विरोध भी देखने को मिला, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। लोगों ने कहा कि वह अपनी जमीन को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। चाहे सरकार उन्हें कितनी बार भी क्यों न उजाड़ दे। वहीं, खोरी मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है।
खोरी गांव में करीब 10 हजार मकान बने हुए थे। यहां करीब एक लाख से अधिक लोग निवास करते थे। देश के विभिन्न राज्यों से आकर बसे इन लोगों ने 40 साल पहले भू-माफिया के चक्कर में आकर लाखों रुपये खर्च कर अपनी जीवन भर की पूंजी से जमीन खरीदकर रहने के आशियाना बनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने सात जून को खोरी गांव में बने करीब 10 हजार अवैध निर्माणों को ढहाने के आदेश दिए थे। 14 जून से खोरी में तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू की। डेढ़ माह चली तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद खोरी को कब्जा मुक्त कर दिया गया। निगम की ओर से जगह-जगह सरकारी जमीन के बोर्ड लगा दिए गए। लोगों को चेतावनी दी गई कि दोबारा कब्जा किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान निगम की ओर से बेघर हुए लोगों को राधा स्वामी आश्रम में अस्थाई आश्रय दिया गया। लेकिन, ये कुछ समय के लिए था। ऐसे में भूखमरी की कगार पर पहुंचे लोगों ने अपने टूटे आशियानों पर तंबू लगाकर फिर रहना शुरू कर दिया। बुधवार को भी निगम की ओर से खोरी गांव में करीब 200 अवैध कब्जों को खाली कराया गया था।
दोबारा कब्जा करने पर दी चेतावनी
बृहस्पतिवार को एक बार फिर निगम का तोड़फोड़ दस्ता खोरी में अवैध कब्जों को खाली कराने के लिए पहुंचा। इसे लेकर यहां रह रहे लोगों में हड़कंप मच गया। तोड़फोड़ से पूर्व पुलिस ने इलाके को अपने कब्जे में ले लिया। मौके पर कुछ लोगों ने जगह खाली कर दी तो कुछ लोग अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने बल पूर्वक उन्हें टेंट से बाहर निकाला और जेसीबी सहायता से ध्वस्त कर दिया। लोगों को चेतावनी दी गई कि यदि दोबारा कब्जा किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।