फरीदाबाद। शहर में बनाई गई 40 वार्ड कमेटियों के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी निगमायुक्त यशपाल यादव की ओर से तय कर दी गई है। प्रत्येक माह होने वाली समीक्षा बैठक में अधिकारियों व कमेटी के सदस्यों को रिपोर्ट सौंपनी होगी। इससे एक ओर जहां विकास कार्यों में तेजी आएगी, वहीं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा।
निगम ने पिछले दिनों शहर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले विकास कार्यों पर नजर रखने के लिए वार्ड कमेटी का गठन किया है जो निगम सीमा के सभी 40 वार्डों में विकास कार्यों पर नजर रखेगी। इसमें स्थानीय लोगों को शामिल किया गया है। कमेटी के पदाधिकारी निगम अधिकारियों को विकास कार्योें के बारे में अपनी राय भी दे सकेंगे। निगम प्रशासन ने ये कवायद हरियाणा म्यूनिसिपल सिटीजन पार्टिसिपेशन एक्ट 2008 के तहत की है। स्थानीय पार्षद कमेटी के चेयरमैन बनाए गए है।
इसके लिए बेंगलूरू की एक संस्था के साथ एमओयू किया गया है, जो वार्ड कमेटियों को प्रशिक्षण देने का काम कर रही है। निगम आयुक्त यशपाल यादव ने बताया कि 40 वार्डों के अंदर कमेटियों का गठन किया गया है। इसमें 10 से 12 सदस्यों को शामिल है। कुछ कमेटियों ने काम करना शुरू कर दिया है। ये कमेटी विकास कार्यों व वार्ड को बेहतरीन बनाने के लिए अपनी राय देंगे। इसके साथ कमेटी के सदस्यों और अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। इससे तय समय में काम पूरा हो सकें। यदि कोई कमी या परेशानी आती है तो उसे समीक्षा बैठक में रखा जा सके और उस समस्या मौके पर समाधान किया जाएगा। इससे विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को हम समय पर दूर कर सकेंगे।