फरीदाबाद। खोरी गांव में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तोड़फोड़ कार्रवाई जारी है। यहां सांसद द्वारा विकास कार्य कराए गए थे। बिजली, पानी सहित अनेक जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। बाकायदा जगह-जगह सांसद द्वारा कराए गए कार्यों के बोर्ड लगे थे। जिन्हें निगम ने तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान गिरा दिया। निगम की कार्रवाई से लोगों में भारी रोष है।
पुरानी खोरी में 600 से अधिक मकान है। यहां बिजली-पानी सभी प्रकार की सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराई गई है। लोगों के घरों में बकायदा बिजली के मीटर लगे हुए थे। पानी के लिए गांव में तीन सरकार बूस्टर लगाए गए। इनसे घरों में पानी के कनेक्शन दे रखे थे। इसके साथ बिजली के खंभों पर सांसद के कार्यों की सूचना भी दी गई थी।
गांव में सरकारी स्कूल और एक बड़ा आंबेडकर पार्क है। इससे स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि उनके मकानों पर कार्रवाई नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। गांव में दो दिन से नगर निगम की ओर से तोड़फोड़ कार्रवाई जारी है। बुधवार को भी गांव में भारी संख्या से दो से तीन मंजिला मकानों को गिराया गया। निगमायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ की जा रही है। अरावली वन क्षेत्र में बने सभी प्रकार के निर्माणों को तोड़ने के निर्देश हैं। इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है।