जिले के राजकीय स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं कक्षा के करीब 11 हजार 336 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए थे। परीक्षा खत्म होने के बाद तुरंत बाद उन्हें टैबलेट वापस लेने के आदेश जारी किए गए थे। शिक्षा विभाग के अनुसार सोमवार तक करीब 70 विद्यार्थियों ने जानबूझकर टैबलेट जमा नहीं करवाया है। ऐसे विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम रोकने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जा सकता है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि विद्यार्थी को बिना टैबलेट जमा करवाए एसएलसी भी जारी नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को टैबलेट के साथ चार्जर, सिम और अन्य मिला सामान भी जमा कराना होगा। इसके बाद ही उन्हें स्कूल से परीक्षा परिणाम मिलेगा।
विभाग के प्रभारी देंगे विद्यार्थियों को सूचना
जिला शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा प्रभारी को नोडल अधिकारी के रूप तैनात किया गया है। जो फोन के माध्यम से विद्यार्थियों को टैबलेट वापस जमा करवाने की जानकारी अधिकारी को देंगे। यदि टैबलेट अभी तक जमा नहीं कराते हैं, तो उसके अभिभावक से संपर्क कर टैबलेट को जमा कराने का प्रयास करेंगे। इसके बावजूद भी टैबलेट जमा नहीं होता है, तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रभारी सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे विद्यार्थी को एसएलसी, डीएमसी और चरित्र प्रमाणपत्र जारी नहीं करें।
विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम भी रोका जाएगा
करीब 70 विद्यार्थियों ने अभीतक टैबलेट नहीं लौटाएं हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही उनका परीक्षा परिणाम रोक दिया जाएगा। -धमेंद्र अधाना, ई-अधीगम प्रभारी