सबसे ज्यादा टीके नवजातों और डेढ़ साल से 16 साल के बच्चों को लगाए गए
गौरव मिश्रा
फरीदाबाद। टीकाकरण के प्रति लोगों में पिछले कुछ समय में जागरूकता बढ़ी है। फरीदाबाद में इसकी सच्चाई आंकड़े बयां कर रही है। जिले में अक्तूबर में 25 हजार से अधिक टीकाकरण हुए। इनमें सबसे ज्यादा टीके नवजातों और डेढ़ साल से 16 साल के बच्चों को लगाए गए हैं। इसके अलावा गर्भवतियों को भी बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए गए हैं।
यह सभी टीके शहर के प्रमुख जिला अस्पताल, बीके अस्पताल, एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी अस्पताल और शहर में मौजूद करीब 14 से 15 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) में लगाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा टीके शहर के बीके जिला अस्पताल में लगाए गए हैं। बीके अस्पताल में अक्तूबर में करीब 2500 लोगों ने कुत्ते काटने के टीके भी लगवाए हैं।
वहीं करीब एक हजार नवजातों को बीसीजी, हेपेटाइटिस बी और ओपीवी के टीके लगाए गए हैं। इनमें बीसीजी टीका टीबी के गंभीर रूपों, जैसे टीबी मेनिन्जाइटिस, से बचाने के लिए लगाया जाता है। वहीं हेपेटाइटिस बी वायरस से संक्रमण को रोकता है। इसके अलावा ओपीवी पोलियो से बचाव के लिए पोलियो ड्रॉप के रूप में दिया जाता है।
सारण के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में माह में करीब 1800 बच्चों को टीके लगाए गए। वहीं 125 गर्भवतियों को भी बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए गए। इसी प्रकार एसी नगर के यूपीएचसी केंद्र में अक्तूबर में करीब 600 बच्चों और 100 महिलाओं को टीके लगाए गए।
डबुआ कॉलोनी के यूपीएचसी में करीब 800 बच्चों और 100 महिलाओं को टीके लगाए गए। आदर्श नगर में यह आंकड़ा बच्चों के लिए करीब 700 और महिलाओं को लिए 70 से 80 रहा। अल्तमदपुर में 500 बच्चों और करीब 50 महिलाओं को टीके लगाए गए। भरत कॉलोनी में करीब 1500 से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए। वहीं लगभग 100 महिलाओं को भी टीके लगाए गए।
भीम बस्ती में बच्चों के लिए यह आकंड़ा 1000 और महिलाओं के लिए 100 के करीब रहा। हरि विहार में लगभग 900 बच्चों और 100 महिलाओं को टीके लगाए गए। इस्माइलपुर में भी लगभग यही आंकड़ा रहा। नंग्ला एन्क्लेव में 1300 से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया। प्रतापगढ़ में करीब 1000 बच्चों और 100 गर्भवती महिलाओं को टीके लगाए गए। राजीव कॉलोनी में 1100 बच्चों और 90 महिलाओं को टीके लगाए गए।
शिव दुर्गा विहार में 1300 से अधिक बच्चों का टीकाकरण हुआ। 100 से अधिक गर्भवतियों को भी टीके लगाए गए। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी अस्पताल में भी बच्चों और महिलाओं को मिलाकर करीब 600 से 700 टीके लगाए गए हैं। बीके अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों के पैदा होने के 15 दिनों के अंदर ही टीके लगा दिए जाते हैं। इसके बाद 1.5 साल पूरे होने के बाद अन्य टीके भी लगाए जाते हैं।
टीकाकरण के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ी है। लोग दूर-दूर से टीके लगवाने आते हैं। प्रत्येक दिन करीब 30 से 400 नवजातों को अस्पताल में टीके लगाए जाते हैं। वहीं 5 से 16 वर्ष के आयु के बच्चों के लिए अलग से सप्ताह में दो दिन रखे गए हैं। - डॉ.
दयानंद जोनकर, बीके अस्पताल