समय की पाबंद कही जाने वाली मेट्रो फिलहाल फरीदाबाद कॉरिडोर पर समय की पटरी से उतरती दिख रही है। पीक समय में भी इस रूट पर ट्रेनें 35 मिनट तक देर से चल रही हैं। रूट पर इमरजेंसी ब्रेक लगना और स्टेशन से पहले ही ट्रेन को काफी देर तक खड़े रखा जाना नियमित हो चुका है।
डीएमआरसी की ओर से इस समस्या का हल नहीं निकाला जा रहा है। बुधवार की शाम भी नीलम चौक अजरौंदा स्टेशन पर टोकन काउंटर परिसर में लगे डिस्प्ले पर मंडी हाउस की ओर जाने वाली ट्रेन का समय 7:44 मिनट दर्शाया गया।
टोकन लेकर प्लेटफॉर्म पर पहुंचे यात्रियों ने पाया कि यहां डिस्पले में अगली ट्रेन 35 मिनट बाद दर्शाई जा रही थी। वह भी मंडी हाउस के लिए नहीं, बल्कि केंद्रीय सचिवालय के लिए। शहर से रोजाना दिल्ली आने जाने वाले एक यात्री ने बताया कि ट्रेन 28 मिनट बाद 8:12 मिनट पर प्लेटफॉर्म पर आई।
अनाउंसमेंट किया गया कि ट्रेन मंडी हाउस जाएगी। ट्रेन सराय और बदरपुर स्टेशन के बीच करीब दस मिनट ट्रैक पर ही खड़ी रही। इसके बाद इसे प्लेटफॉर्म पर लिया गया।
यात्रियों के मुताबिक, इस ट्रेन को रोककर बदरपुर से टर्मिनेट होने वाली ट्रेन सहित दो अन्य ट्रेनों को रवाना किया गया, फिर इसकी बारी आई।
नीलम चौक अजरौंदा से बदरपुर तक की मेट्रो के मुताबिक 14 मिनट के सफर को तय करने में करीब आधा घंटा लगा। बदरपुर स्टेशन तक तो इस ट्रेन के मंडी हाउस जाने की घोषणा की जा रही थी, स्टेशन पार करते ही इसके केंद्रीय सचिवालय तक जाने की घोषणा की जाने लगी।
नीलम चौक स्थित एक कार्यालय में काम करने वाले कौशिक सेन रोज दिल्ली आते-जाते हैं। उनका कहना है कि सप्ताह में शायद ही कोई ऐसा दिन हो, जब वह समय पर पहुंच सके हों।एनआईटी में रहने वाले अमित भाटिया का कहना है कि मेट्रो ने दावा किया था कि ऑफ पीक समय पर प्रति 7:25 मिनट पर और पीक समय में प्रति 6:40 मिनट पर एक मेट्रो उपलब्ध होगी। डीएमआरसी दावे पर खरा साबित नहीं हो सकी है।