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अटाली विवाद : जमीन पर दोनों समुदाय का बराबर हक, फिर हुए शांति के प्रयास

Thu, 19 May 2016 08:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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अटाली विवाद को शांत करने की बृहस्पतिवार को एक बार फिर कोशिश हुई। तेवतिया पाल द्वारा बुलाई गई पंचायत में करीब आठ घंटे तक चर्चा हुई। देर शाम दोनों समुदायों ने गांव के बाहर धार्मिक स्थल बनाने पर रजामंदी जताई। धार्मिक स्थल के लिए पंचायत अपनी जमीन देगी।
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वहीं, विवादित जगह पर दोनों समुदायों का बराबर हक रहेगा। दरअसल, गांव में एक धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर दोनों समुदायों में काफी समय से विवाद चल रहा था। 25 मई को वहां पर आगजनी की गई और लूटपाट हुई। साथ ही दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई।

जिला प्रशासन ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था। एक समुदाय के लोग डर के कारण बल्लभगढ़ थाने में बनाए गए शिविर में शरण लेने को मजबूर हो गए। मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दोबारा 1 जुलाई को विवादित स्थल पर दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी हुई। इस विवाद को सुलझाने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन सभी विफल साबित हुए।
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जमकर हुई नोंक-झोंक
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे गांव स्थित खेल स्टेडियम में तेवतिया पाल द्वारा बुलाई गई पंचायत शुरू हुई। पंचायत की अध्यक्षता पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने की। इस दौरान पूर्व विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, पूर्व विधायक मास्टर अजमत, कोट सरपंच चौ. इशराईल, मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हाजी युनूस, तेवतिया पाल के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह तेवतिया मौजूद थे।
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अटाली में हुई पंचायत में हिस्सा लेते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
अटाली विवाद को शांत करने की बृहस्पतिवार को एक बार फिर कोशिश हुई। तेवतिया पाल द्वारा बुलाई गई पंचायत में करीब आठ घंटे तक चर्चा हुई। देर शाम दोनों समुदायों ने गांव के बाहर धार्मिक स्थल बनाने पर रजामंदी जताई। धार्मिक स्थल के लिए पंचायत अपनी जमीन देगी।

वहीं, विवादित जगह पर दोनों समुदायों का बराबर हक रहेगा। दरअसल, गांव में एक धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर दोनों समुदायों में काफी समय से विवाद चल रहा था। 25 मई को वहां पर आगजनी की गई और लूटपाट हुई। साथ ही दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई।

जिला प्रशासन ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था। एक समुदाय के लोग डर के कारण बल्लभगढ़ थाने में बनाए गए शिविर में शरण लेने को मजबूर हो गए। मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दोबारा 1 जुलाई को विवादित स्थल पर दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी हुई। इस विवाद को सुलझाने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन सभी विफल साबित हुए।

जमकर हुई नोंक-झोंक
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे गांव स्थित खेल स्टेडियम में तेवतिया पाल द्वारा बुलाई गई पंचायत शुरू हुई। पंचायत की अध्यक्षता पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने की।

इस दौरान पूर्व विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, पूर्व विधायक मास्टर अजमत, कोट सरपंच चौ. इशराईल, मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हाजी युनूस, तेवतिया पाल के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह तेवतिया मौजूद थे।

एक समुदाय की ओर से इशांक नंबरदार, हाजी शाकिर, अनूप शाह सहित अनेक लोग थे। मास्टर धर्मवीर ने पंचायत में घटना का पूरा ब्योरा दिया। पंचायत के दौरान लोगों एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए।

अधिकांश लोगों ने मामले के राजनीतिकरण पर चिंता जताई। ग्रामीण श्याम ने घटना के लिए पूर्व सरपंच राजेश चौधरी और सरपंच प्रह्लाद को जिम्मेदार ठहराया। विवाद बढ़ता देख पंचायत ने दोनों समुदायों से विवाद खत्म करने का फॉर्मूला मांगा।

इस दौरान दोनों समुदायों के बीच नोंक-झोंक हुई। आखिर समय तक अल्पसंख्यक समुदाय विवादित जगह पर धार्मिक स्थल बनाने पर अड़ा रहा। हालांकि पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद द्वारा बात करने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के लोग माने। करीब सात बजे पंचायत के अध्यक्ष आफताब अहमद ने दोनों पक्षों से बात कर फैसला सुनाया, जिस पर दोनों पक्षों ने हाथ उठाकर समर्थन दिया। 

वक्फ बोर्ड को मिलेगी पंचायती जमीन
फैसले के मुताबिक, जल्द से जल्द ग्राम पंचायत ग्राम सभा की बैठक बुलाकर जुन्हैड़ा रोड स्थित जगह को वक्फ बोर्ड को देने के लिए प्रस्ताव पारित करेगी। प्रस्ताव को जिला उपायुक्त के मार्फत पंचायत विभाग के निदेशक के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद जमीन को वक्फ बोर्ड को बेच दिया जाएगा।

पंचायत सकारात्मक रही। ग्राम सभा की बैठक बुलाकर चयनित जगह का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भिजवाया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द मंजूरी मिल सके और विवाद सदा-सदा के लिए खत्म हो जाए। -प्रह्लाद सिंह, सरपंच अटाली
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