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मास्टर प्लान : केजीपी एक्सप्रेसवे के साथ बिछेगी रेलवे लाइन

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फरीदाबाद-पलवल समेत एनसीआर को मिलेगा बड़ा फायदा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। केजीपी एक्सप्रेसवे के साथ-साथ अब रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के रीजनल प्लान-2041 में इस रेल कॉरिडोर का प्रावधान किया गया है। इसके धरातल पर उतरने से फरीदाबाद, पलवल, नोएडा समेत हरियाणा के कई जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने प्रस्तावित रेल लाइन की डीपीआर तैयार करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
केजीपी एक्सप्रेसवे के किनारे रेलवे लाइन बनने से दिल्ली-एनसीआर में सड़क और रेल कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिलेगा। इससे औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख शहरों के बीच माल ढुलाई के साथ-साथ यात्री परिवहन को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। फरीदाबाद और पलवल जैसे औद्योगिक जिलों को इसका विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यहां से नोएडा और हरियाणा के अन्य हिस्सों तक आवागमन सुगम हो सकेगा। फरीदाबाद में केजीपी एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 19 किलोमीटर लंबाई है। जबकि पलवल में इससे ज्यादा है।
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केएमपी के साथ चल रहा 122 किलोमीटर का रेल कॉरिडोर
हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पलवल से सोनीपत तक करीब 122 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज डबल-ट्रैक रेलवे लाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह रेल मार्ग पलवल से शुरू होकर सोहना, मानेसर और खरखौड़ा होते हुए सोनीपत के हरसाना कलां तक पहुंचेगा। परियोजना की अनुमानित लागत बढ़कर करीब 11,500 करोड़ रुपये हो चुकी है और इसे दिसंबर 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कॉरिडोर पृथला में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और भारतीय रेलवे के मुख्य मार्गों से भी जुड़ेगा। इससे माल गाड़ियों की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक और प्रभावी मार्ग उपलब्ध होगा। औद्योगिक क्षेत्रों से माल को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में भी समय और दूरी की बचत होने की उम्मीद है।
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160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी ट्रेनें

हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इस मार्ग पर यात्री ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकेंगी। वहीं, माल गाड़ियों की आवाजाही के लिए भी पर्याप्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे दिल्ली क्षेत्र पर रेल यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
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