संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-20 स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस-ए के कारण हाइपर-एक्यूट लिवर फेलियर से पीड़ित 14 वर्षीय किशोर की जान बचाने में सफलता हासिल की है। किशोर को लगातार बुखार, उल्टी और लिवर संबंधी गंभीर समस्या के चलते दूसरे अस्पताल से रेफर किया गया था। अस्पताल पहुंचने पर उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी और वह तेजी से बढ़ती हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी से भी जूझ रहा था।
डॉक्टरों ने उसे पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती कर गहन उपचार शुरू किया। सात दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट, विशेष दवाओं, एन-एसिटाइल सिस्टीन थेरेपी, प्लाज्मा एक्सचेंज और अन्य जीवन रक्षक उपचारों के जरिये उसकी लगातार निगरानी की गई। शुरुआती दिनों में लिवर ट्रांसप्लांट की संभावना पर भी विचार किया गया, लेकिन उपचार के सकारात्मक परिणाम मिलने लगे।
करीब 14 दिनों तक चले उपचार और निगरानी के बाद किशोर की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। वह अब सामान्य रूप से सांस ले रहा है, भोजन कर रहा है और उसके लिवर की कार्यक्षमता लगातार बेहतर हो रही है। चिकित्सकों ने कहा कि समय पर पहचान और विशेषज्ञ उपचार से गंभीर स्थिति पर काबू पाया जा सका।