बच्ची को दादी के पास दुकान पर छोड़ने के बहाने घर से लेकर गया था युवक
एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की कोर्ट ने डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। दुष्कर्म की घटना तीन जनवरी 2020 को हुई थी। दोषी करार युवक किशोर कुमार (23) बल्लभगढ़ स्थित चंदन कॉलोनी में रहता था जबकि वह मूलरूप से बिहार के जमुई का रहने वाला है।
महिला थाने में 20 वर्षीय एक महिला ने शिकायत देकर बताया कि उसके पति निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। जबकि सास रेहड़ी लगाती हैं। तीन जनवरी 2020 को शाम करीब सात बजे किशोर कुमार (23) घर आया और डेढ़ साल की बेटी को खिलाने और दादी की दुकान पर छोड़ने की बात कह कर साथ ले गया। वह एक दूसरे को जानते थे तो बेटी को लेकर जाने से इन्कार नहीं किया। वह दो घंटे बाद भी बेटी को लेकर दादी के पास नहीं पहुंचा तो महिला किशोर कुमार के घर पहुंची। वहां न बेटी मिली और न ही किशोर कुमार था। इस दौरान किशोर कुमार मासूम को रेहड़ी पर छोड़कर फरार हो गया। बच्ची के प्राइवेट पार्ट से खून निकलता देख परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को मामले की सूचना दी। उसके बाद मां की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। सरकारी अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि कुल 22 गवाहों और 30 साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की अदालत ने किशोर कुमार (23) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।