फरीदाबाद। पीएचसी पनहेडा खुर्द में तैनात लेडी हेल्थ विजिटर नर्स (एलएचवी) सुदर्शना ने अपने घर में एक मिनी नर्सिंग होम बना रखा था। आरोपी गर्भपात के लिए सभी दवाइयां, उपकरण व बीपी मशीन समेत सभी जरूरी उपकरण को रखा हुआ था। आरोपी के सेक्टर-8 स्थित घर उपलब्ध गर्भपात की सुविधाओं को देखकर डॉक्टरों की टीम भी हैरान हो गई। आरोपी का पति लेबर इंस्पेक्टर है। महिला से पैसों पर बात बिगड़ने के बाद पूरा खेल खराब हो गया।
पूर्व एसएमओ डॉ. मान सिंह ने बताया कि आरोपी की अवैध गर्भपात की शिकायत साल 2013-14 में भी मिली थी। इस दौरान टीम को कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर कार्रवाई से बच गई थी। उन्होंने बताया कि गर्भपात संबंधी किट बरामद हुई है। इसमें एमटीपी किट और इससे संबंधित उपकरण भी शामिल हैं। उसने घर में ही मिनी नर्सिंग होम बना रखा था। ब्लड प्रेशर की मशीन, कैंची समेत अन्य औजार भी उपलब्ध थे। महिला आरोपी एलएचवी नर्स के संपर्क में पहले से थी। सौदा दो से चार हजार पर पहुंचा गया। गर्भवती महिला चार हजार देने को राजी हो गई। लेकिन, नर्स ने उसे दवा देने के बाद कहा कि गर्भ दो-तीन माह का है और दस हजार लगेंगे। इसके बाद महिला ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया।
डमी ग्राहक नहीं बल्कि सीधे की गई कार्रवाई
अधिकांश मामलों में स्वास्थ्य विभाग डमी ग्राहकों के आधार पर गर्भपात या भ्रूण जांच के मामलों पर कार्रवाई करता है। लेकिन, शनिवार की सुबह करीब छह बजे हुई कार्रवाई अलग थी। इसमें ग्राहक ओरिजनल थी, यानी उसे गर्भपात करना था। डॉ. मान ने बताया कि आरोपी एलएचवी सुदर्शना ने शुक्रवार की शाम को महिला गर्भपात की दवा दे दी और कहा कि परेेशानी होने पर रात में ही आ जाना। नहीं तो सुबह पांच बजे जरूर आना है। इस पर सीएमओ ने रात में चार डॉक्टरों की टीम बनाई। डॉ. मान ने बताया कि चार बजे भोर ही तैयार हो गए। टीम आरोपी के घर के आसपास रही। जैसे ही महिला का गर्भपात हुआ, टीम ने रेड मार दी। उन्होंने कहा कि यह लाइव रेड गई। आरोपी के पास गर्भपात का लाइसेंस और योग्यता भी नहीं है।