19 मार्च की शाम को ड्यूटी खत्म करने के बाद वह अपने दोस्त नर्सिंग ऑफिसर मनजीत सिंह के साथ कार में सवार होकर गांव छांयसा किराए के मकान में जा रहे थे। उन्होंने अपनी गाड़ी में गाना बजा रखा था। जैसे ही वह मकान के पास पहुंच तो मकान मालिक राकेश कौशिक व टोल प्लाजा पर काम करने वाले तीन लड़कों ने गाना बजाने पर आपत्तिजनक शब्द कहे। उन्होंने विरोध किया तो सभी आरोपियों ने लाठी डंडे से उनके ऊपर हमला कर दिया। इस दौरान मकान मालिक के दो लड़के कृष्ण व अनमोल और गांव अटाली के तीन अन्य लड़के भी मारपीट करने के लिए आ गए। पीड़ितों ने मकान की तीसरी मंजिल पर भागकर अपनी जान बचाई।
आरोप है कि मकान मालिक ने उनको जान से मारने की धमकी दी है। दोनों नर्सिंग ऑफिसर को उपचार के लिए बीके अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से एक की हालत गंभीर होने के चलते दिल्ली सफदरजंग रेफर कर दिया। वहीं, दूसरे का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है।
पीड़ित रामफल ने बताया कि गांव छायंसा के एक युवक की रोहतक के लड़कों ने हत्या कर दी थी। इसी से नाराज होकर उन पर हमला कर दिया। थाना छांयसा प्रभारी रामवीर ने बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों की तरफ से पुलिस को शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। इस घटना में जिसका भी दोष पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।