बल्लभगढ़। ऑक्सीजन रिफिलिंग मैनेजमेंट सिस्टम के सफल बनाने के बाद अब जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने ‘कोविड हेल्प डेस्क’ स्थापित की है। जोकि कोरोना से पीड़ित रोगियों और उन लोगों के लिए है, जो संक्रमितों की मदद कर सकते हैं और संसाधन साझा करना चाहते हैं।
इसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा 200 से अधिक छात्र स्वयं सेवकों की एक टीम बनाई गई है। जो कोरोना पीड़ितों के लिए दवाइयों, प्लाज्मा, ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर जैसी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था करेंगे। इसकी शुरूआत विश्वविद्यालय के कंप्यूटर सेंटर और डिजिटल अफेयर्स सेल द्वारा की गई है। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने संकट के समय मानवता की सेवा करने के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी उठाई है। कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के कारण चिकित्सा सुविधाओं को लेकर उत्पन्न मांग और आपूर्ति को पूरा करने की दिशा में हेल्प डेस्क एक सार्थक पहल है। समाज में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो जरूरतमंद मरीजों की मदद करना चाहते हैं, लेकिन उचित प्लेटफार्म नहीं मिल पाता।
विश्वविद्यालय के कंप्यूटर सेंटर और डिजिटल मामलों की निदेशक डॉ. नीलम दूहन ने बताया कि हेल्प-डेस्क को इस तरह से विकसित किया गया है कि जरूरतमंद व्यक्ति अपनी मांग दर्ज करवा सकता है। मांग के अनुरूप संसाधन रखने वाला व्यक्ति ऐसी जरूरत को पूरा करने के लिए अपनी उपलब्धता दर्ज करवा सकता है। कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. कोमल कुमार भाटिया ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए संसाधन जुटाने के लिए बनाए गए डाटाबेस पर हेल्प डेस्क वास्तविक समय में अपडेट किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति ऑक्सीजन सिलिंडर, बेड, होम आईसीयू और वेंटिलेटर जैसे उपलब्ध संसाधनों का विवरण प्लेटफार्म पर दर्ज करवा सकता हैं। शुरुआत में, इस पहल के अंतर्गत दिल्ली और हरियाणा के चुनिंदा शहरों को लाया गया है और यदि यह सफल रहता है तो संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर अन्य शहरों को जोड़ते हुए इसका विस्तार किया जाएगा।