तीन ग्राहकों से जुड़े कुल 2.85 लाख रुपये के भुगतान संदिग्ध पाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कार कंपनी के रिलेशनशिप मैनेजर पर ग्राहकों के बैंक भुगतान का बैंक संदर्भ नंबर (यूटीआर) कथित तौर पर दूसरे ग्राहकों की कार फाइलों में इस्तेमाल कर वित्तीय अनियमितता करने का आरोप लगा है। कंपनी के खातों के मिलान के दौरान तीन ग्राहकों से जुड़े कुल 2.85 लाख रुपये के भुगतान संदिग्ध पाए गए।
ऑटोनेशन, टायल इंडिया मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई के सीईओ संजीव रत्ना ने पुलिस को बताया कि दीपक चौहान ग्राहकों के भुगतान और दस्तावेजों से संबंधित काम देखते थे। कंपनी के लेखा विभाग द्वारा खातों का मिलान करने पर कई भुगतान प्रविष्टियों में विसंगतियां मिलीं। शिकायत के अनुसार मदनपुर खादर निवासी विकास चौहान की कार की डिलीवरी तीन जुलाई 2025 को हुई थी। उसके रिकॉर्ड में छह अगस्त 2025 की 10 हजार रुपये की संदिग्ध रसीद मिली। वहीं मनीषा की कार की डिलीवरी 17 अक्तूबर 2025 को हुई थी। उनके खाते में 27 सितंबर और 17 अक्तूबर की चार रसीदों से कुल 1.25 लाख रुपये का भुगतान दर्ज मिला।
तीसरे ग्राहक गौरव चौहान की कार की डिलीवरी 27 अक्तूबर 2025 को हुई थी। उनके रिकॉर्ड में 28 अक्तूबर को एक लाख और 50 हजार रुपये की दो रसीदें दर्ज मिलीं। कंपनी को आशंका है कि वास्तविक ग्राहकों के बैंक भुगतान के बैंक संदर्भ नंबर दूसरी फाइलों में लगाए गए और कुछ ग्राहकों से नकद राशि लेकर कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की गई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि कंपनी के सीईओ संजीव रत्ना की शिकायत पर सेक्टर-31 थाना पुलिस ने 12 अगस्त को रिलेशनशिप मैनेजर दीपक चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।