फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में कोरोना संक्रमण कम होने के बाद डेंगू का कहर शुरू हो गया है। जिले में 15 दिन में डेंगू के छह गुना मरीज बढ़ गए हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने तीन नए मामलों की पुष्टि की। इसके बाद जिले में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 94 हो गई है, जो शतक से केवल छह मरीज दूर है। अब स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली है। शनिवार से शहर में फॉगिंग करानी शुरू की है।
इसके साथ डेंगू और वायरल पर नियंत्रण के लिए 40 टीमों का गठन किया गया है। यह टीम घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। लार्वा की जांच की जाएगी। शहरवासियों ने डेंगू के बढ़ते मामलों को स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही करार दिया है। लोगों ने कहा कि यदि ऐसी तत्परता स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले दिखाई गई होती तो इतनी परेशानी नहीं होती। शनिवार को भी सिविल अस्पताल बीके की ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ रही। इसमें बुखार के भी काफी मरीज थे।
जिले में कोरोना संक्रमण कम हुआ, तो अब डेंगू कहर बरपा रहा है। डेंगू के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है और फिलहाल यह ऐसे बढ़ रहा है जैसे शुरुआत में कोरोना संक्रमण बढ़ा था। जिले में 15 दिन पहले डेंगू के कुल मामलों की संख्या 12 थी। इसके बाद लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती गई। शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा न फॉगिंग कराई गई और न संदिग्ध इलाकों में डेंगू रोकथाम के लिए कोई खास अभियान चलाया गया। इस कारण डेंगू का कहर लगातार बढ़ रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को डेंगू के तीन नए मामलों की पुष्टि की है। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग नींद से जागा है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव के साथ बैठक कर डेंगू की रोकथाम विषय पर चर्चा की। इसके साथ ही फॉगिंग शुरू करवा दी गई है।
घर-घर जाकर करेगी जांच
जिले में डेंगू और बुखार की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 40 टीमें बनाई गई है। प्रत्येक टीम में दो अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम घर-घर जाकर लार्वा की जांच करेगी। डेंगू-मलेरिया का लार्वा पाए जाने पर पहली बार व्यक्ति को चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा। दो से तीन दिन बाद फिर जांच की जाएगी। यदि फिर लार्वा पाया जाता है तो पांच सौ रुपये लेकर एक हजार रुपये तक चालान हो सकता है।
डेंगू के लक्षण एवं बचाव
- अचानक तेज बुखार, सिर में आगे की और तेज दर्द।
-आंखों के पीछे दर्द और आंखों के हिलने से दर्द में और तेजी।
-मांसपेशियों (बदन) व जोडों में दर्द।
-स्वाद का पता न चलना व भूख न लगना।
-छाती और ऊपरी अंगों पर खसरे जैसे दाने।
-चक्कर आना, जी घबराना उल्टी आना।
-शरीर पर खून के चकत्ते एवं खून की सफेद कोशिकाओं की कमी।
-बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षण बड़ों की तुलना में हल्के होते हैं। डेंगू से बचाव के उपाय
-छोटे डिब्बों व जहां पानी भरा हुआ है उसे निकाले।
-कूलरों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें।
-घर में कीट नाशक दवा का छिड़काव करें।
-बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं जिससे उनके हाथ पांव पूरी तरह से ढके रहें।
डेंगू और वायरल की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। निजी अस्पताल व लैब संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। वहीं यदि कोई अस्पताल निर्धारित शुल्क से अधिक चार्ज करता है, तो मरीज या परिजन शिकायत कर सकते हैं। ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में उपलब्ध होने वाले प्लेटलेट्स हरियाणा के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए मुफ्त होंगे।
-डॉ. विनय गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी