अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर शुक्रवार को शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में भी देखने को मिला। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित हुआ। शहर के उद्योगों को एक दिन में 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। बिजली संकट को देखते हुए कई उद्यमियों ने फैक्टरियों में काम बंद रखने का फैसला लिया।
सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में पूरे दिन बिजली गुल रहने से फैक्टरियों में कामकाज ठप रहा। उद्यमियों ने कर्मचारियों को छुट्टी देकर इकाइयां बंद रखीं। डबुआ-पाली रोड औद्योगिक क्षेत्र में भी कामकाज प्रभावित हुआ। इसके अलावा सेक्टर-24, सेक्टर-25, सेक्टर-58, आईएमटी और कृष्णा कॉलोनी के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली संकट के कारण उत्पादन पर असर पड़ा।
उद्यमियों के अनुसार, बिजली आपूर्ति बाधित होने से मशीनें बंद रहीं और समय पर ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो गया। कुछ इकाइयों में डीजल जनरेटर चलाकर काम जारी रखने का प्रयास किया गया, लेकिन इससे उत्पादन लागत बढ़ गई। लंबे समय तक जनरेटर चलाना छोटे उद्योगों के लिए महंगा साबित हो रहा है। लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष अमृतपाल कोचर ने बताया कि सेक्टर-25 कृष्णा कॉलोनी में बिजली आपूर्ति ठप होने से 500 उद्योगों में बिजली आपूर्ति ठप रही। सरूरपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र शाह ने बताया कि सरूरपुर में उद्यमियों ने छुटटी की घोषणा कर दी थी। इस वजह से ताले लटके रहे। उद्योगों में करोड़ों का नुकसान हुआ है।