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आईएमए का फैसला : 1 जुलाई से आयुष्मान लाभार्थियों को निजी अस्पतालों में नहीं मिलेगा इलाज

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- जिले के 5 लाख 20 हजार से अधिक आयुष्मान और चिरायुकार्ड धारकों को होगी परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के करीब 5 लाख 20 हजार से ज्यादा आयुष्मान और चिरायु कार्ड धारकों की परेशानी बढ़ सकती है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इस संबंध में सूचना जारी की है। सरकार द्वारा बिलों का समय पर भुगतान नहीं करने के कारण निजी अस्पतालों और आईएमए के पदाधिकारियों में भारी नाराजगी है। एक जुलाई से कार्डधारकों को निजी अस्पतालों में संयुक्त रूप से इलाज नहीं देने का फैसला लिया गया है। आयुष्मान कमेटी (आईएमए हरियाणा) के चेयरमैन डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि इस संबंध में एसोसिएशन के पदाधिकारियों और निजी अस्पतालों की बैठक में संयुक्त रूप से एक जुलाई से सेवाएं रोकने का फैसला लिया गया है। सरकार द्वारा संपर्क और भुगतान के बाद ही लोगों को दोबारा सुविधा मिलेगी।

सरकारी द्वारा समय पर निजी अस्पतालों को बिलों का भुगतान नहीं करने से संचालकों में रोष है। आईएमए लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही है। इस संबंध में 19 मार्च 2024 को बैठक हुई., लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। एसोसिएशन का कहना है कि अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके तहत निजी अस्पताल में अपेंडिक्स, प्वाइजनिंग, हर्निया सहित गंभीर जैसी 157 बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। अति गंभीर प्रसव, समय पूर्व प्रसव, हाथ पैर का फ्रैक्चर, सिर की गंभीर चोट, उच्च रक्तचाप, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, हेपेटाइटिस, सामान्य रोग, स्नेक बाइट, मधुमेह, डेंगू, रक्त प्रत्यारोपण, चिकनगुनिया जैसी आम बीमारियों का इलाज अब आयुष्मान लाभार्थी को निशुल्क इलाज मिल रहा है। आयुष्मान के पैनल पर करीब 25 निजी व 6 सरकारी अस्पताल हैं।
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एक जुलाई से नहीं होगा इलाज

डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि निजी अस्पतालों में मरीजों को सभी सुविधाओं से लैस इलाज मुहैया कराया जा रहा है। इसके बाद भी अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। निजी अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं करने के कारण रोष है।
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