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बस में विस्फोट के बाद भी लापरवाही का खुला खेल जारी

Sun, 29 May 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

पिपली में बस में हुए धमाके बाद भी रोडवेज की लापरवाही बदरस्तूर जारी 
पिपली में बस में हुए धमाके बाद भी रोडवेज की लापरवाही बदरस्तूर जारी
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कुरुक्षेत्र के पिपली में हरियाणा रोडवेज की बस में बृहस्पतिवार को हुई विस्फोट की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा में बरती जा रही लापरवाही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद भी रोडवेज प्रबंधन ने कोई सबक नहीं लिया है।
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लापरवाही का खुला खेल जारी है। करीब 250 बसों का संचालन करने वाले फरीदाबाद डिपो में भी लापरवाही बरती जा रही है। हादसों से निपटने की कोई तैयारी महकमें नहीं नहीं की हुई है। बस अड्डे का जायजा लिया मुकेश शर्मा ने। पेश है रिपोर्ट...

खाली सिलेंडर से कैसे बुझेगी आग
हरियाणा रोडवेज की बसों में आपदा से निपटने के कोई इंतजाम नहीं हैं। आग जैसी घटनाओं से निपटने के लिए बसों में अग्शिमन यंत्र तो रखे गए हैं, लेकिन महज सिर्फ दिखावे के लिए। कई बसों में तो अग्निशमन यंत्र दिखाई ही नहीं दिए। कुछ बसों में सिलेंडर खाली थे। कुछ बसों में तो एक्सपायरी डेट के सिलेंडर रखे गए हैं। 
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कहां जाता है लाखों का बजट
वैसे तो जनता की सुरक्षा को देखते हुए सरकार द्वारा अग्निशमन यंत्रों और फस्ट एड बॉक्स के लिए लाखों रुपए का बजट तय किया जाता है, फिर भी बसों में न तो भरे हुए सिलेंडर मिलते हैं और न ही प्राथमिक सहायता के लिए कोई सामान। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विभाग लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। नियमों के अनुसार एक निश्चित समयावधि के बाद सिलेंडर और फस्ट एड बॉक्स का सामान बदला जाता है, ताकि आपात स्थिति में बड़े हादसे पर काबू पाया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा की जा सके। 

कागजों में होती है चेकिंग
ऐसा नहीं है कि रोडवेज की बसों में चेकिंग नहीं होती। इसकी भी खानापूर्ति केवल कागजों में कर दी जाती है। नियमानुसार रोजाना वर्कशाप से निकलने वाली प्रत्येक गाड़ी की आउट साइडिंग चेकिंग होनी है। इसमें वर्कशॉप मैनेजर, स्टोर परचेज ऑफिसर व ट्रैफिक मैनेजर सहित तकनीकी स्टाफ को पूरी जांच पड़ताल करने के बाद ही बस को रूट पर भेजना चाहिए। लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है।  

डिपो परिसर की सुरक्षा ताक पर
फरीदाबाद में दो बस अड्डे हैं। सबसे बड़ा बस अड्डा बल्लभगढ़ में हैं। जिसकी सुरक्षा व्यवस्था की फिक्र हरियाणा रोडवेज को नहीं हैं। बस स्टैंड परिसर से लेकर डिपो और वर्कशॉप में प्रवेश से पहले किसी तरह की चेकिंग का प्रावधान नहीं है। भीड़भाड़ होने के बाद भी सुरक्षाकर्मी या पुलिसकर्मी यहां दिखाई नहीं देते। कुछ ऐसे ही हालात एनआईटी बस स्टैंड के हैं। 

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रख हर कदम उठाया जा रहा है। रोजाना जांच के बाद ही बसों को डिपो के बाहर भेजने के निर्देश हैं। अगर कहीं कोई कमी है तो उसे दूर किया जाएगा।-रीगल कुमार, डिपो महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज

रोडवेज यात्रियों की सुरक्षा को लेकर काफी लापरवाही बरत रहा है। न बसों में सुरक्षा का कोई इंतजाम है और नही बस अड्डा परिसर में कोई व्यवस्था दिखाई देती है। 
-जितेंद्र धनखड़, डिपो प्रधान, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन
रोडवेज बसों में जनता की सुरक्षा रामभरोसे है। बसों में कभी चेकिंग नहीं होती। निगम को चाहिए कि वे मेट्रो की भांति रोडवेज बसों में भी जांच पड़ताल होनी चाहिए। 
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-मनीष टोंगर, दैनिक यात्री
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