फरीदाबाद। आखिरकार बिजली की व्यवस्था में कब सुधार होगा। अगर बिजली नहीं आएगी तो पानी की सप्लाई कैसे होगी। जबकि बिजली निगम के दावे चौबीस घंटे के हैं। हल्की सी भी बारिश हो जाए तो पांच से सात घंटे आपूर्ति ठप कर दी जाती है। यही स्थिति रविवार को भी देखने को मिली।
दरअसल, रेनीवेल लाइनों के फीडरों की हालत खराब है। यही वजह है कि दो से तीन घंटे रेनीवेल चल नहीं पाते। शहर में मांग के अनुसार लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, इस बात से बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता नरेश कक्कड़ ने इनकार किया है। उनका कहना है कि बिजली की कोई समस्या नहीं है। रेनीवेल लाइनों पर बिजली कटौती के संबंध में उन्होंने नगर निगम और एफएमडीए के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। रविवार को करीब एक घंटे हुई बारिश और आंधी की वजह से एनआईटी एक, दो, तीन, राजीव कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, संजय कॉलोनी व सेक्टर 22, 23, मेवला महाराजपुर, जवाहर कॉलोनी, एसजीएम नगर, गांव खेड़ी तिलपत, जनता कॉलोनी, जीवन नगर, इंद्रा कॉलोनी, बसेलवा कॉलोनी और तिगांव समेत अन्य कई इलाकों में फॉल्ट की वजह से बिजली आपूर्ति ठप रही। लोगों ने बताया कि बारिश शुरू होने के बाद बत्ती चली गई।
आरोप है कि शिकायत केंद्रों पर भी कोई सुनवाई नहीं होती है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-22, 23, 24, सेक्टर-55 में गांव खेड़ी, राजीव कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी और ग्रेटर फरीदाबाद में फॉल्ट की वजह से सप्लाई बाधित हुई थी। कई इलाकों में सप्लाई रात में बहाल कर दी गई थी। ग्रामीण इलाकों में दिक्कत ज्यादा है।
एफएमडीए की अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी डॉ. गरिमा मित्तल के अनुसार, शहर में रोजाना करीब 190 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। शहर क्षेत्र में पानी यमुना किनारे लगे सात रेनीवेल से आता है। वहीं, अधिकारियों का आरोप है कि अक्सर बिजली कट होने के कारण नियमित रूप से मोटर नहीं चल पाती है। इस कारण शहर के कई इलाकों को पानी सप्लाई नहीं होता है। सबसे ज्यादा दिक्कत रेनीवेल की लाइन नंबर एक और दो पर बनी हुई है। रविवार को दोनों लाइन पर करीब तीन घंटे बत्ती बंद रही। सोमवार को करीब दो घंटे बिजली सप्लाई ठप रही।