आरटीई : निजी स्कूल संचालकों पर दाखिला देने में आनाकानी करने का आरोप लगा रहे अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिला लेने में कई निजी स्कूल आनाकानी कर रहे हैं। आरोप है कि कई स्कूल प्रबंधक अभिभावकों को स्कूल में प्रवेश ही नहीं करने दे रहे। सुरक्षा कर्मी अभिभावकों को गेट से ही भगा देते हैं। अपने बच्चों का दाखिला करने के लिए आवेदन करने वाले अभिभावक स्कूल और खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय का चक्कर कट रहे हैं। कई अभिभावक शुक्रवार दोपहर अपनी शिकायत लेकर सेक्टर 28 स्थित खंड शिक्षा कार्यालय पहुंचे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। लोगों ने अपने बच्चों का दाखिला आरटीई के तहत निजी स्कूलों में करवाने की शिक्षा विभाग से मांग की है।
सेक्टर-16 स्थित शिक्षा विभाग कार्यालय पहुंचे अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विभाग की ओर से किसी प्रकार के सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आरटीई के तहत किन स्कूलों में बच्चों के दाखिले कराए जा सकते हैं। इसकी कोई सूची भी सार्वजनिक नहीं की गई है। दाखिले को लेकर किसी प्रकार की गाइडलाइन जारी नहीं की। इसके कारण अभिभावक निजी स्कूलों का चक्कर काट रहे हैं।
अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि वे बच्चों का दाखिले निजी स्कूलों में करवाए। इसके साथ ही दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि निजी स्कूल नियम के तहत स्कूल संचालक विद्यार्थियों के दाखिला देने में बाधा बनते हैं तो अभिभावक जिला उपायुक्त कार्यालय, शिक्षा विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
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क्या है नियम
आरटीई के तहत अभिभावक अपने बच्चों का पहली या इससे नीचे की कक्षाओं में दाखिला करवा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित की गई थी। 18 अप्रैल को ड्रा निकाला गया था। अभिभावक अपने घर से एक किलोमीटर की दूरी में आने वाले निजी स्कूलों में ही आवेदन कर सकते हैं। शर्त यह है कि इस दूरी में कोई राजकीय स्कूल नहीं हो। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें निर्धारित हैं।
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45 बच्चों को दाखिले का दावा
खंड शिक्षा अधिकारी मनोज मित्तल का दावा है कि फरीदाबाद खंड में आरटीआई के तहत अभीतक 45 बच्चों का दाखिला हो चुका है। जिनका दाखिला नहीं हुआ हैं, उनके फार्म में कुछ खामियां होगी। उन्होंने बताया कि कुछ अभिभावक ने बच्चों को दाखिले को लेकर शिकायत की थी, इसके आधार पर दिलाने में भी मदद किया गया है।
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क्या कहते है अभिभावक
बेटे का नर्सरी में दाखिला कराना है। स्कूल के सूची में नाम नहीं निकली है। ऐसे में समझ नहीं आ रहा है।शनिवार और रविवार को दफ्तर बंद रहेंगा। सोमवार को दाखिले की अंतिम तरीख है।
जितेंद्र, अभिभावक निवासी सेक्टर 16
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एनआईटी दो नंबर स्थित एक निजी स्कूल में दाखिले के लिए आवेदन किया था। लेकिन स्कूल प्रबंधन बात करने को तैयार नहीं है। जिला खंड अधिकारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं।
विनाेद कुमार, अभिभावक निवासी नेहरू कॉलोनी
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स्कूल में फार्म जमा कराने के लिए कई चक्कर काट चुकी हूं। लेकिन स्कूल की ओर से कोई सुनने वाला नहीं है। गेट से ही मुझे भगा दिया जाता है। सोमवार को दाखिले की अंतिम तारीख है। कोई बताने को भी तैयार नहीं है।
शिवानी श्रीवास्तव, अभिभावक निवासी सेक्टर 8
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आरटीई के तहत अगर किसी अभिभावक की शिकायत आती है, तो उस स्कूल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएंगी। प्रथम चरण में बल्लभगढ़ स्कूलों को कारण बताओं नोटिस जारी भी किया गया था। लेकिन अब वहां दाखिला लिए जा रहें है।
आशा दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी