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Faridabad News: लखनाका गांव में परचून की दुकान में लगी आग, तीन बच्चों की मौत

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- बिजली गुल होने पर मोमबत्ती जलाई हुई थी, तेज हवा आने पर लगी दुकान में आग
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- तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम दिल्ली के ट्रॉमा सेंटर में हुआ
- लखनाका गांव में तीन बच्चों की मौत से छाया मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। गांव लखनाका में बुधवार की रात तेज हवा के कारण जल रही मोमबत्ती से परचून की दुकान में आग लग गई। इसमें तीन बच्चे झुलस गए, जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया। तीनों का इलाज नूंह स्थित नल्हड़ मेडिकल काॅलेज में चल रहा था, जहां से उन्हें दिल्ली सफदरजंग के लिए रेफर कर दिया गया था, वहां उनकी मौत हो गई। गांव में एक साथ हुई तीन बच्चों की मौत के बाद मातम पसरा है। पुलिस ने भी घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव पहुंचकर लोगों के बयान लिए।
पुलिस के अनुुसार लखनाका गांव निवासी खलील अहमद ने पुलिस को शिकायत दी है कि उसने गांव में परचून की दुकान खोली हुई है। बुधवार की शाम को वह दुकान पर अपने पुत्र हुजैफा (13 साल), बेटी सामरीन (11 साल) को छोड़कर नमाज पढ़ने के लिए गए थे। उनके बच्चों के पास याकूब का पुत्र मोहम्मद खान (12 साल) भी आ गया। अचानक बिजली चली गई। जिसके बाद बच्चों ने दुकान में मोमबत्ती जला दी। अचानक तेज हवा चलने लगी और हवा के झोंके से मोमबत्ती गिर गई और दुकान में आग लग गई। दुकान में मौजूद हुजैफा ,सामरीन एवं मोहम्मद खान एकाएक लगी आग से घबरा गए और भागने का प्रयास किया, लेकिन भागने से पहले ही वह आग की चपेट में आकर झुलस गए। दुकान में आग लगते ही आसपास के लोग एकत्रित हो गए और बच्चों को दुकान से बाहर निकाला। उन्हें उपचार के लिए तुरंत नूंह स्थित नल्हड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं लोगों ने दुकान पर लगी आग पर काफी देर बाद काबू पाया।
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नल्हड़ मेडिकल कॉलेज से तीनों बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया। जहां तीनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चों की मौत की सूचना मिलने के बाद गांव लखनाका में मातम छाया हुआ है। शुक्रवार को तीनों के शवों का पोस्टमार्टम एम्स में किया गया। मौके पर हथीन थाने से जांच अधिकारी सुभाष पहुंचे। उन्होंने आग लगने के कारणों के बारे में बताया कि आग अचानक लगी। परिवार के लोगों ने कोई संदेह व्यक्त नहीं किया है। ग्रामीण ही नहीं आसपास के गांवों के लोग बच्चों के घर शोक व्यक्त करने पहुंच रहे हैं। गांव निवासी इशाक खान ने सरकार से मांग की है कि दुकान चलाने वाले खलील तथा याकूब के बच्चों की मौत पर आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि खलील का आय का साधन परचून की दुकान थी, जो जलकर पूरी तरह से राख हो गई और दोनों बच्चों की मौत भी हो गई। गांव निवासी सरफुद्दीन ने भी पीड़ित परिवारों को यथाशीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की है।
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