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प्रदेश के पांच जिलों में बनाए जाएंगे 100-100 बेड के अस्पताल, ईएसआईसी ने अस्पताल बनाने के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की

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Hospitals of 100-100 beds to be built in five districts of the state, ESIC started the process of marking land to build a hospital
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फरीदाबाद (धनंजय चौहान )। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की ओर से प्रदेश के पांच जिले रोहतक, सोनीपत, हिसार, अंबाला और करनाल में 100-100 बेड के अस्पताल बनाए जाएंगे। इसके लिए निगम ने जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। इसे लेकर हाल ही में निगम की टीम ने रोहतक का दौरा भी किया था। इनके बनने से लाखों कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। खासकर सरकारी अस्पतालों की काफी कमी बनी हुई है। इसका जीता जागता उदाहरण कोरोना महामारी में देखने को मिला। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को निजी अस्पतालों में महंगी दर पर अपना इलाज करवाना पड़ा।
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प्रदेश के ईएसआई हेल्थ केयर के निदेशक डॉ. अनिल मलिक ने बताया कि रोहतक, सोनीपत, हिसार, अंबाला और करनाल में ईएसआई की अभी तक केवल डिस्पेंसरी खुली है। कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। जिस कारण ईएसआई कार्ड धारकों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए फरीदाबाद ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। कार्ड धारकों को उनके जिलों में बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके, इसको लेकर यह योजना बनाई गई है। वहीं, मेडिकल कॉलेज पर मरीजों का काफी दबाव रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत सिटी स्कैन, एमआरआई व अन्य जांच प्रक्रिया में होती है। यही स्थिति ऑपरेशन के मरीजों को होती है। मरीजों को ऑपरेशन के लिए छह-छह माह का इंतजार करना पड़ता है। इसे देखते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने प्रदेश के पांच जिलों में 100-100 बेड के अस्पताल बनाने की योजना तैयार की है। इनमें मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
निजी अस्पतालों में होता सौतेला जैसा व्यवहार
ईएसआईसी कार्ड धारकों को बेहतर इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई निजी अस्पतालों को अपने पैनल में ले रखा है। ईएसआई अस्पतालों में हृदय, किडनी, कैंसर जैसी सुपरस्पेश्लिटी इलाज के लिए सुविधाएं न होने पर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। लेकिन यहां कार्डधारकों के साथ सौतेला जैसा व्यवहार किया जाता है। इस तरह के कई मामले ईएसआई अधिकारियों के सामने आ चुके हैं।
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