संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन।
जिले में खूनी रोड नाम से प्रसिद्ध पलवल-नूंह रोड ने एक और युवक की जान ले ली। नौरंगाबाद मोड़ के पास हुए भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हथीन थाना पुलिस ने आरोपी वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गांव रीबड़ निवासी ब्रहमपाल अपने साथियों हरेंदर, सरजीत और योगेश के साथ कार में सवार होकर सोहना की ओर जा रहे थे। रात करीब 8:10 बजे जब उनकी गाड़ी नौरंगाबाद मोड़ के पास पहुंची, तभी सामने से तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही नीले रंग की कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सड़क किनारे गड्ढों में जा गिरी। हादसे के बाद राहगीरों ने घायलों को गाड़ी से बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल पलवल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने कार चला रहे हरेंदर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, सरजीत और योगेश का इलाज जारी है। ब्रहमपाल को भी हल्की चोटें आई हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई संजय को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
बॉक्स
सड़क हादसे में युवक की हुई थी मौत
बृहस्पतिवार को भी पलवल-नूंह मार्ग पर लालवा गांव के पास एक कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। वहीं, उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने अज्ञात कार चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई शिकायत में मंडकोला गांव के रहने वाले किशन सिंह ने बताया कि दो अप्रैल को उनका पुत्र अमन अपने साथी विकास के साथ बाइक पर सवार होकर पलवल से अपने गांव लौट रहा था। जब वे लालवा गांव के पास स्थित नाले के पास पहुंचे, तो सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि अमन के सिर में गंभीर चोट आई। वहीं, बाइक चला रहा विकास भी बुरी तरह घायल हो गया। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। अमन को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी कार चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
चार करोड़ की परियोजना अधर में लटकी
पलवल-नूंह रोड के सुदृढ़ीकरण और मरम्मत कार्य के लिए लेकर लोक निर्माण विभाग ने चार करोड़ की विस्तृत योजना तैयार की थी। लोगों को उम्मीद थी कि इस परियोजना के बाद सड़क का कायाकल्प हो जाएगा। इससे सड़क हादसों में कमी आएगी लेकिन परियोजना अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। परियोजना शुरू नहीं होने के कारण लोगों में रोष व्याप्त है। पलवल-नूंह मार्ग की बदहाल स्थिति लगातार लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। करीब आठ वर्ष पहले इस सड़क को चार लेन में बदलने की योजना को मंजूरी मिली थी। आज भी यह परियोजना कागजों में ही अटकी हुई है। जर्जर सड़क, बढ़ता ट्रैफिक और रात के समय अंधेरा राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। बीते एक वर्ष में इस मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
137 करोड़ की लागत से फोरलेन का होना था निर्माण
राज्य सरकार ने 18 जुलाई 2017 को इस सड़क को फोरलेन बनाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए लगभग 137 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। परियोजना का 75 प्रतिशत खर्च एनसीआर प्लानिंग बोर्ड और 25 प्रतिशत हरियाणा सरकार को वहन करना था। निर्माण की जिम्मेदारी एचएसआरडीसी को सौंपी गई थी। सड़क चौड़ी करने के लिए भूमि उपलब्ध होने के बावजूद पेड़ों की कटाई और वन विभाग से अनुमति न मिलने के कारण काम लंबे समय तक अटका रहा।
प्रतिदिन 18 हजार वाहनों की होती है आवाजाही
डीपीआर के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 18 हजार वाहन गुजरते हैं, जिनमें दो हजार भारी वाहन शामिल हैं। सड़क इतनी संकरी है कि ओवरटेक करना मुश्किल हो जाता है। पलवल से नूंह की महज 30 किलोमीटर दूरी तय करने में लोगों को लगभग एक घंटा लग जाता है। हाल के महीनों में कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। लालवा गांव के पास बाइक हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ। इससे पहले महेशपुर गांव के पास ट्रैक्टर-मिक्स्चर से टकराने पर एक युवक की जान चली गई थी। ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन भी किया, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।