फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: स्वास्थ्य केंद्र पर लगा था ताला, गेट के बाहर हुआ प्रसव

विज्ञापन
धौज पीएचसी के गेट पर लगा ताला बाहर ही हुआ प्रसव। स्रोत: वायरल वीडियो
विज्ञापन
धौज गांव में स्वास्थ्य विभाग लापरवाही फिर हुई उजागर, वीडियो वायदल
विज्ञापन

डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं मिलने का आरोप
मामला सामने आने पर एसएमओ को कारण बताओ नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। धौज गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। लापरवाही के चलते रविवार तड़के बाली कस्बे की रहने वाली नूरजहां खान ने स्वास्थ्य केंद्र के गेट के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। परिजनों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में पीएचसी के बाहर प्रसव की स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दे रही है।

नूरजहां खान के परिजनों ने बताया कि रविवार तड़के स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था और मौके पर कोई भी चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद नहीं था। नूरजहां के पति मोसिम खान ने बताया कि रविवार सुबह करीब 3:30 बजे उनकी पत्नी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद वह परिजनों के साथ उन्हें लेकर धौज पीएचसी पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग में प्रवेश करने का प्रयास किया तो मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। उन्होंने आसपास चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को तलाश किया, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं मिला।
विज्ञापन


मोसिम के अनुसार, मदद नहीं मिलने के कारण उनकी पत्नी की प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ती गई। आखिरकार स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ही महिला का प्रसव हो गया। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद भी काफी देर तक कोई स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।

चपरासी ने खुलवाया गेट, बाद में पहुंचा स्टाफ

परिजनों ने किसी तरह एक चपरासी को बुलाया। उसके माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र का गेट खुलवाया गया और जच्चा-बच्चे को अंदर वार्ड में भर्ती कराया गया। मोसिम का आरोप है कि भर्ती कराने के बाद भी करीब एक घंटे तक नर्सिंग स्टाफ वहां नहीं पहुंचा। बाद में स्टाफ के पहुंचने पर जच्चा और बच्चे की जांच और देखभाल शुरू की गई। मोसिम ने कहा कि यदि समय पर स्वास्थ्य केंद्र के अंदर उपचार मिल जाता तो महिला की बाहर डिलीवरी कराने की नौबत नहीं आती। थोड़ी और देरी होने पर जच्चा या बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। उन्होंने मामले की जांच कर लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।

दोनों की हालत सामान्य

बाद में डॉक्टरों को मामले की जानकारी मिलने पर जच्चा और बच्चे का उपचार किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दोनों की स्थिति सामान्य थी। उपचार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया और फिलहाल जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।


तीन महीने पहले एफआरयू- 2 में सामने आई थी घटना

बल्लभगढ़ में भी मई 2026 में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। 16 मई की रात बड़ौली गांव की गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सेक्टर-3 स्थित एफआरयू -2 लाया गया था। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल का गेट बंद था और काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद कोई कर्मचारी मदद के लिए नहीं पहुंचा था। मामला संज्ञान में आने के बाद दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।
विज्ञापन


एसीएमओ को कारण बताओ नोटिस

मामला सामने आने के बाद धौज पीएचसी के एसएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य गेट बंद क्यों था, घटना के समय डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौके पर क्यों मौजूद नहीं थे और महिला को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रसव कराने की स्थिति क्यों बनी। स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद ही मामले में जिम्मेदारी तय होगी। - डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

धौज पीएचसी के गेट पर लगा ताला बाहर ही हुआ प्रसव। स्रोत: वायरल वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें