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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: कब्जा मिलने से आठ किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण को रफ्तार मिलेगी

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सोतई में 680 मीटर जमीन पर कब्जा मिलने अड़चन दूर
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अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फरीदाबाद से सीधे जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के रास्ते में सोतई गांव में जमीन न मिलने की अड़चन दूर हो गई है। सोतई गांव में करीब 680 मीटर जमीन पर कब्जा मिलने के बाद एक्सप्रेसवे के के आठ किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण को रफ्तार मिलेगी। इससे मोहना से सोतई तक एक्सप्रेसवे के निर्माण में आ रही बाधा दूर होने की उम्मीद है।
इस हिस्से का निर्माण लंबे समय से जमीन की अड़चनों के कारण प्रभावित रहा। अधिकारियों के अनुसार यूपी की सीमा में एक्सप्रेसवे का करीब 15 किलोमीटर हिस्सा तैयार हो चुका है। यमुना नदी पर बनाया गया पुल भी तैयार हो चुका है। अब हरियाणा की तरफ मोहना से सोतई तक बचे काम को गति देने पर जोर है। सोतई में जमीन मिलने के बाद निर्माण एजेंसी को लगातार काम करने का रास्ता साफ होगा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सेक्टर-65 के सामने से डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे से शुरू होकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर तक जाएगा। छह लेन के इस एक्सप्रेसवे पर डीएनडी-सोहना हाईवे, केजीपी एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी दी जाएगी।
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75 प्रतिशत से अधिक काम पूरा: परियोजना का 75 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य जून 2023 में शुरू हुआ था। पहले इसे जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन जमीन अधिग्रहण और परियोजना में बदलाव के कारण समयसीमा बढ़ती गई। अब एनएचएआई ने इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद फरीदाबाद के सेक्टर-65 क्षेत्र से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सफर करीब 18 मिनट में पूरा हो सकेगा। बता दें कि परियोजना की कुल लंबाई 31.42 किलोमीटर है। इसमें करीब 22.30 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और 9.12 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है।
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शनिवार को भी तैनात रही पुलिस: जमीन पर कब्जा लेने के बाद भी पुलिस की टीम तैनात रही। हालांकि, सोतई के लोगों ने धरना देकर विरोध शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक जमीन के बदले रकम नहीं मिली है। इस दौरान महिलाओं ने भी विरोध जताया। इसे देखते हुए यहां भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे की जमीन पर कब्जा ले लिया गया है। एनएचएआई प्रबंधन जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजा जारी कर चुका है, लेकिन नगर निगम द्वारा इसे अपनी जमीन बताने के कारण विवाद बना हुआ है। मालिकाना हक न मिलने तक किसान यहां निर्माण कार्य शुरू करने का विरोध कर रहे हैं।
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