वर्क वीजा का झांसा देकर बिजनेस वीजा पर रूस भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्क वीजा का भरोसा देकर युवक को बिजनेस वीजा पर रूस भेज दिया गया। वहां काम करना अवैध होने के कारण रूसी पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
भारत लौटने के बाद शिकायत पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पलवल के गांव जटौला निवासी संजय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने अक्तूबर 2025 में गूगल पर एक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क किया था। इसके बाद सेक्टर-19 स्थित कार्यालय में उसकी मुलाकात राजशेखर से हुई। राजशेखर ने खुद को रूस में श्रमिक भेजने के लिए अधिकृत बताते हुए वर्क वीजा दिलाने और नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।
शिकायत के अनुसार, राजशेखर, संजीव, जितेंद्र, दीपक दास और संदीप ने ऑनलाइन और नकद मिलाकर उससे करीब सात लाख रुपये लिए। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज, प्रमाणपत्र और पहले विदेश भेजे गए लोगों के दस्तावेज दिखाकर विश्वास में लिया। इसके बाद 25 मई 2026 को उसे वर्क वीजा बताकर रूस भेज दिया। पीड़ित का आरोप है कि रूस पहुंचने पर उसे पता चला कि उसके पास वर्क वीजा नहीं बल्कि बिजनेस वीजा है, जिस पर काम करना वैध नहीं था। इसी दौरान 7 जून 2026 को रूसी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। बाद में परिजनों ने रुपये भेजकर उसकी वापसी की व्यवस्था की, जिसके बाद वह 13 जून को भारत लौट सका।
भारत लौटने के बाद जब उसने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गिरोह फर्जी वीजा, होटल बुकिंग और रिटर्न टिकट का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से रकम वसूलता था और उन्हें गलत वीजा पर विदेश भेजता था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि चौकी सेक्टर-19 द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस ने 27 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) और उत्प्रवास अधिनियम की धारा 24 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।