Four arrested including heart center head of BK Hospital for making fake Ayushman card
फरीदाबाद। फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर सरकार को चूना लगाने वाले बीके अस्पताल के हार्ट सेंटर प्रमुख समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) ने पुलिस को 60 मरीजों की सूची सौंपी है। डीसीपी मुख्यालय नीतिश अग्रवाल ने बताया कि नागरिक अस्पताल बीके में मरीज का फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर हार्ट सेंटर व सरकारी राजस्व के गबन का मामला सामने आया था।
मामले में हार्ट सेंटर के उत्तर भारत के सीओओ प्रवीण कुमार ने 27 अगस्त 2020 को एसजीएम नगर थाने में हार्ट सेंटर के तत्कालीन इंचार्ज मानसिंह, सुपरवाइजर कपिल, आयुष्मान मित्र अशोक कुमार और लैब में कार्यरत नर्सिंग कर्मी नरेश के खिलाफ साठ-गांठ कर मरीज नरेश कुमार शर्मा से फर्जी तरीके से 95000 रुपये हड़पने का मामला दर्ज करवाया था। मामले की जांच पुलिस कर रही थी। जांच में सामने आया कि मरीज से प्राइवेट इलाज के रुपये लेकर फिर आयुष्मान कार्ड की फाइल आरोपी अशोक की आईडी से बनाकर सरकार से पैसे हड़पते थे। जांच पूरी होने के बाद चारों आरोपियों को सेक्टर-12 से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अशोक को 15 फरवरी को और अन्य तीन आरोपियों को 16 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर 2-2 दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी अशोक का रिमांड पूरा होने पर उसे नीमका जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है।
मरीज नरेश ने पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को बताया कि आयुष्मान कार्ड के तहत उसका इलाज कभी नहीं हुआ है। आरोपियों ने इलाज की फाइल पर कैश काट कर आयुष्मान भारत लिख दिया और आयुष्मान कार्ड पर मरीज नरेश का फर्जी पता लिखकर फाइल तैयार कर ली। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हार्ट सेंटर में इलाज करवाने आए मरीज से आरोपियों ने कैश जमा करवा लिया और उसका फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर बिल भुगतान की मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया। आयुष्मान योजना का दुरुपयोग कर कितने फर्जी बिल पास करवाए गए हैं। इसकी छानबीन की जा रही है।