नागरिकों को निगम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी कई सुविधाएं
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद पब्लिक हेल्थ और सफाई व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। निगम की ओर से एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की जा रही है जो अगले दो माह में तैयार होकर आम जनता के लिए लॉन्च की जाएगी। इस डिजिटल पहल के तहत जहां लोगों को घर बैठे कई अहम सुविधाएं मिलेंगी, वहीं शहर के स्वास्थ्य और स्वच्छता की निगरानी भी तकनीक के जरिए और अधिक मजबूत की जाएगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार यह एप पब्लिक हेल्थ से जुड़े लगभग सभी कार्यों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले आएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि नागरिकों को निगम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिकतर काम मोबाइल फोन के जरिये ही पूरे हो सकेंगे।
घर बैठे होंगे लाइसेंस और रेगुलराइजेशन के काम
एप के माध्यम से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर, पोर्टेबल पानी की सप्लाई, खाद्य पदार्थों से जुड़े लाइसेंस, मीट की दुकानों के लाइसेंस और उनके रेगुलराइजेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदन करने से लेकर दस्तावेज अपलोड, फीस जमा करने और लाइसेंस की स्थिति जानने तक की सुविधा घर बैठे उपलब्ध होगी। अब तक इन सेवाओं के लिए दुकानदारों और कारोबारियों को बार-बार निगम कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी। डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद यह प्रक्रिया तेज होने के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
डिजिटल निगरानी से मजबूत होगी स्वास्थ्य सुरक्षा
इस एप की सबसे अहम विशेषता यह है कि यह केवल सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके जरिये शहर के स्वास्थ्य की निरंतर डिजिटल निगरानी भी की जाएगी। एप में यह पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा कि जिले में कितना मीट बाहर से आया किस दुकान पर कितना मीट सप्लाई हुआ और उपभोक्ताओं को कितना मीट बेचा गया।
इसके साथ ही दुकानदारों को यह भी अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा कि उनके यहां से निकलने वाला वेस्ट मीट कितना है और उसका निस्तारण अधिकृत तरीके से किया गया है या नहीं। इससे खुले में वेस्ट फेंकने, गंदगी फैलाने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
बीमारियों की पहचान और रोकथाम होगी आसान
निगम का मानना है कि इस डिजिटल पहल से बीमारियों की समय रहते पहचान और रोकथाम में बड़ी मदद मिलेगी। यदि किसी क्षेत्र में फूड प्वाइजनिंग, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें सामने आती हैं, तो निगम के पास पूरा डिजिटल डेटा उपलब्ध रहेगा। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि समस्या की जड़ कहां है और किस स्तर पर लापरवाही हुई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मीट और खाद्य सामग्री की सप्लाई चेन पर डिजिटल नजर रखने से गंदगी और मिलावट पर काफी हद तक अंकुश लगेगा, जिससे मौसमी और संक्रामक बीमारियों के फैलाव को रोका जा सकेगा।
निगम को मिलेगा 2-3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व
एप के जरिये लाइसेंसिंग और रेगुलराइजेशन प्रक्रिया के सुचारु होने से नगर निगम की आय में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। निगम के आकलन के मुताबिक इससे हर साल दो से तीन करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। अभी जिले में हजार से अधिक मीट की दुकानें चल रही हैं वहीं बड़ी संख्या में नॉनवेज वाले रेस्त्रां भी काफी बड़ी संख्या में हैं। वर्तमान में कई दुकानदार बिना लाइसेंस या अधूरी अनुमति के कारोबार कर रहे हैं। डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद सभी कारोबारियों को निगम के दायरे में लाया जाएगा जिससे राजस्व के साथ-साथ नियमों का पालन भी सुनिश्चित होगा।
निरीक्षण और रिपोर्टिंग भी होगी ऑनलाइन
एप में पब्लिक हेल्थ निरीक्षण व्यवस्था को भी डिजिटल किया जा रहा है। निगम के अधिकारी और पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर मौके से ही निरीक्षण रिपोर्ट अपलोड कर सकेंगे। इसमें फोटो, लोकेशन और समय की जानकारी दर्ज होगी, जिससे फर्जी रिपोर्टिंग की संभावना खत्म होगी और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी।
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नगर निगम की लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है । वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों को भी किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। निगम की तरफ से लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है है। - नीतीश परवाल, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम