तेलंगाना एक्सप्रेस से धुआं उठने के दौरान ट्रेन के बाहर खड़े यात्री।
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बल्लभगढ़। जब तेलंगाना एक्सप्रेस प्याला फाटक पार कर रही थी, तब हमारी टीम यहां पटरियों पर पत्थर की गिट्टियों को सेट करने का काम कर रही थी। अचानक ट्रेन के पैंट्री कार के साथ वाले कोच से धुआं उठता दिखाई दिया। आग लगने की आशंका से हम सभी लोग ट्रेन की तरफ दौड़ पड़े। शायद अंदर किसी ने चेन खींच दी थी। इसलिए ट्रेन की रफ्तार कम होने लगी। ट्रेन के रुकते ही एसी कोच बी-1 में अफरा तफरी मची हुई थी। हर कोई ट्रेन से उतरने के लिए धक्का-मुक्की कर रहा था। हम लोगों ने बी-1 कोच का दरवाजा खोला और आपात द्वार का शीशा तोड़कर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
गैंग मैन प्रमुख यादराम ने मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) एसके जैन को घटना के बारे में बताया तो उन्होंने उसकी पीठ थपथपाकर इस समझदारी के लिए बधाई दी। डीआरएम ने यादराम और उनकी टीम को सम्मानित करने की बात कही है। यादराम ने बताया कि उनकी टीम में 12 लोग हैं। सुबह करीब 8 बजे वे लोग पटरियों पर काम कर रहे थे। दूसरे ट्रैक पर ट्रेन आने पर वे कर्मचारियों को सतर्क कर देते हैं और ट्रेन के गुजर जाने तक ध्यान रखते हैं। तेलंगाना एक्सप्रेस जब वहां से गुजर रही थी तो उन्होंने पैंट्री कार के साथ वाले डिब्बे से धुआं उठते हुए देखा। यह देखकर उन्होंने शोर मचा दिया और ट्रेन की तरफ दौड़ने लगे। उनके साथ बाकी कर्मचारियों ने भी दौड़ लगा दी। थोड़ी दूर जाकर ट्रेन रुक गई तो सभी कर्मचारी वहां पहुंच गए। उन्होंने बी-1 कोच का गेट खोल दिया और यात्रियों को उतारने लगे।
इस दौरान उन्होंने आपात द्वार का शीशा भी तोड़ दिया। तब तक ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। कोच में करीब 72 यात्री थे। सभी को बाहर निकाले के बाद अधिकांश यात्रियों का सामान भी निकाल दिया। इसके कुछ ही देर बाद कोच में आग फैल गई और वह धूं-धूं कर जलने लगा। कुछ ही देर में उसने पैंट्री कार को भी अपनी चपेट में ले लिया। यादराम ने सारा वाक्या मौके पर जांच के लिए पहुंचे डीआरएम एसके जैन को बताया तो उन्होंने उनकी पीठ थपथपाई और उन्हें व उनकी पूरी टीम को सम्मानित करने की बात कही। डीआरएम ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
आग बाकी डिब्बों में न फैले तो कर्मचारी दयाराम मीणा कोच अलग करने वाली चाबी लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बी-1 कोच और पैंट्री कार को ट्रेन से अलग कर दिया। ट्रेन को वहां से थोड़ा आगे ले जाकर खड़ा कर दिया गया। इस दौरान ट्रेन के बाकी डिब्बों में सवार यात्री भी घबराकर नीचे उतर गए। इस दौरान ट्रेन में रखे अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया गया, मगर वह काबू नहीं आई। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड पहुंचने पर आग पर काबू पाने का काम शुरू किया गया।
तेलंगाना एक्सप्रेस की पैंट्री काम में तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि शॉर्ट सर्किट बी-1 कोच के शौचालय में हुआ था। शौचालय में गए एक युवक ने उसमें शॉर्ट सर्किट होते देख बाहर आकर यात्रियों को बताया था कि अंदर चिंगारियां निकल रही हैं। उसके कुछ देर बाद तो धुआं उठने लगा था। यह देख यात्रियों ने चेन खींच दी थी। तेलंगाना एक्सप्रेस में आग लगने पर दिल्ली-आगरा रेल मार्ग करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। इस दौरान दिल्ली से आगरा आने और जाने वाली गाड़ियों को रास्ते में ही रोक दिया गया। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो या फिर बस का सहारा लिया। वहीं ट्रेनें जहां तहां खड़े होने से उसमें सवार यात्री भी अपने गंतव्य पर देरी से पहुंचे।