1600 मीटर हिस्से में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रभावित, प्रशासन और किसानों में टकराव
किसानों ने कहा, जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा धरना जारी रहेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ने वाले निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए सोतई गांव में जमीन के मुआवजे और मालिकाना हक को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को एनएचएआई के अधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद किसानों ने मौके पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरना रविवार को भी जारी रहा। अब मंगलवार सुबह धरना स्थल पर किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें किसान संगठनों के बड़े नेताओं के पहुंचने की संभावना है।
रविवार को धरना स्थल पर वैदिक हवन कराया गया। ग्रामीणों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने हवन में आहुति देकर आंदोलन को समर्थन दिया। हवन रामजीत के नेतृत्व में कराया गया। किसान नेता रतन सिंह भी समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे।
किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें जमीन का मुआवजा नहीं मिलता, उनका धरना जारी रहेगा। किसानों का आरोप है कि उन्होंने प्रशासन को जमीन का कब्जा नहीं दिया है और मौके पर पहुंची मशीनों को भी बंद करा दिया गया। किसानों ने प्रशासन की ओर से कब्जा लेने की बात को लेकर फैलाई जा रही सूचनाओं पर भी आपत्ति जताई।
किसानों ने कहा, नहीं मिला है भुगतान
सोतई गांव में करीब 1600 मीटर हिस्से में एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रभावित हो रहा है। करीब 14 से 15 एकड़ जमीन के मालिकाना हक और मुआवजे को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच विवाद है। प्रशासन का कहना है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मुआवजे की राशि अदालत में जमा कराई जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि अदालत में राशि जमा होने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिला है।