उद्योग में हरियाणा के लोगों को 75 प्रतिशत तक आरक्षण देने के सरकार के फैसले से युवाओं में रोजगार पाने की संभावना बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि अप्रैल बाद औद्योगिक इकाईयों में रोजागार की संभावना तेज हो जाएगी। इसका फायदा फरीदाबाद समेत आसपास के 10 हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को होगा।
फरीदाबाद को प्रदेश में बड़ा औद्योगिक शहर माना जाता है। यहां 24 हजार के आसपास छोटी-बड़ी इकाई हैं। इनमें से अधिकांश में 10 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। सरकार द्वारा बनाए गए नए रोजगार कानून के तहत श्रम विभाग के नए वेबसाइट पर सभी को तीन महीने के दरम्यान कर्मचारियों का पूरा ब्योरा देना होगा।
इनमें से हरियाणा के मूल निवासी कितने हैं और बाहर के राज्य के कितने, यह भी बताने होंगे। साथ ही इकाईयों में कितने रिक्त पद हैं, इसकी भी जानकारी देनी होगी। लिहाजा जानकार बताते हैं कि रिक्त पद की जानकारी देने के बाद अगर कोई इकाई 30 हजार रुपये से कम वेतन की भर्तियां निकालते हैं तो इसमें हरियाणवी के 75 प्रतिशत के नियमों का पालन करना होगा। ऐसे में जिले में संभावना है कि 10 हजार के आसपास स्थानीय कुशल युवाओं को रोजगार का अवसर प्राप्त हो सकता है। इसके लिए उन्हें नौकरी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नए रोजगार नीति की जानकारी सभी उद्यमियों के दे दी गई है। सभी को बताया गया है कि वह श्रम विभाग के वेबसाइट पर कैसे जानकारी अपलोड करें। अधिकारियों का कहना है कि इकाईयों द्वारा पहले कार्यरत कर्मचारियों के साथ हरियाणा के मूल निवासी व दूसरे राज्य के कर्मचारियों का ब्योरा दिया जाएगा।
इनको मिलेगा फायदा
जिले में आईटीआई, कंप्यूटर ऑपरेटर, ट्रांसलेटर, टाइपिस्ट, ऑफिस ब्याय, कलर्क, पलंबर, इलेट्रिशियन आदि की नौकरी पाने में युवाओं को ज्यादा फायदा होगा। 30 हजार रुपये से कम वेतन वालों की भर्तियां निकलने पर हरियाणा के मूल निवासी को पहले तरजीह दी जाएगी।
नए रोजागार कानून के तहत निजी इकाईयों में हरियाणा के मूल निवासियों के लिए अप्रैल से रोजगार की संभावना बढ़ सकती है। इससे युवाओं को काफी फायदा होगा। उन्हें नौकरी के लिए दूसरे शहर या दूसरे राज्य नहीं जाना पड़ेगा।-दिनेश कुमार,उप-निदेशक श्रम विभाग।