निगम कार्यालय पर कर्मियों ने जड़ा ताला, लघु सचिवालय और निगम पर प्रदर्शन
नगर निगम कार्यालय पर दिया धरना और सेक्टर-12 के सामने कर्मचारी संघों ने किया विरोध प्रदर्शन
-सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी, पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण रहा ट्रेड यूनियनों का बंद
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का फरीदाबाद में मिला-जुला असर देखने को मिला। कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय पर ताला जड़कर कामकाज ठप कर दिया। संगठनों ने सेक्टर-12 और नगर निगम कार्यालय के बाहर अपनी मांगों के लिए विरोध प्रदर्शन किया। भारत बंद में सीटू, इंटक, रोडवेज और एटक समेत सर्व कर्मचारी संघ शामिल रहे। भारत बंद के आह्वान पर निगम समेत कई कार्यालय सूने रहे। कामकाज नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, रोडवेज कर्मियों के भी आंशिक बंद से शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
ट्रेड यूनियनों के भारत बंद के आह्वान नगर निगम मुख्यालय पर सुबह ही कर्मचारियों ने मेन गेट पर तालाबंदी कर दी। इस दौरान नगर निगम, बिजली निगम समेत कुछ कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। तालाबंदी कर बड़ी संख्या में कर्मचारी धरने पर बैठ गए। निगम कर्मियों ने अपनी मांगों को रखते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए। निगम कार्यालय में ताला बंदी से बेखबर अपना कार्य कराने आए लोगों को निराशा हुई।
कर्मचारी संगठनों ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सामने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सबसे अधिक परेशानी नगर निगम में हुई। प्रदर्शन में कर्मचारी संगठनों के वक्ताओं ने अपनी मांग रखीं। दूसरी ओर, भारत बंद पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर रही। सभी चौक-चौराहों, प्रमुख मार्गों पर और बाजारों में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पुलिस कर्मचारी नेताओं पर भी नजर बनाए रही।
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कई विभागों में नहीं हुआ काम
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लाम्बा एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने भारत बंद पूरी तरह से सफल रहने का दावा किया। सरकारी, अर्ध सरकारी, निगम बोर्ड, शिक्षा विभाग, पर्यटन, बिजली, एचएसवीपी समेत सभी कार्यालयों में कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। रोडवेज कर्मचारियों ने भी चक्का जाम किया था।
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दो वर्ष के बाद नियमित करने और पुरानी पेंशन की मांग
सरकारी क्षेत्र में कार्यरत सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को दो वर्ष की सेवा के आधार पर नियमित करने की नीति बनाने, पुरानी पेंशन बहाल करने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करने, स्थायी काम पर स्थायी भर्ती करने, सभी वर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने, केंद्रीय आठवां व हरियाणा का अलग से वेतन आयोग गठित करने, समय पर पदोन्नति, एसीपी का लाभ देने, कॉमन कॉडर में भर्ती किए गए कर्मचारियों को विभागीय काडर में शामिल करने, छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने, पावर बिल 2023 नई शिक्षा नीति, रोड सेफ्टी बिल और चारों लेबर कोड रद्द करने, निजीकरण पर रोक लगाने की मांग रखी।