फरीदाबाद। जिले में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बावजूद निर्माणाधीन साइटों व खुले में बिक रही निर्माण सामग्री से उड़ने वाली धूल भी वायु प्रदूषण का कारण है। नगर निगम ने प्रदूषण नियंत्रण व कार्रवाई के लिए बेशक 40 टीमें तैनात की हों, मगर वे कहीं कोई कार्रवाई करती दिखाई नहीं देतीं। निर्माण सामग्री खुले में रखने वालों और न ही कूड़े में आग लगाने वालों का कोई चालान किया गया है। ग्रेप लागू होने के बाद से अधिकांश उद्योगों में जनरेटर चलाना भी बंद कर दिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की ओर से प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए 15 अक्तूबर से लागू किए गए ग्रेप की गाइडलाइन लागू हुए पांच दिन हो गए हैं लेकिन आज भी इसकी खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही निर्माण सामग्री को लेकर बरती जा रही है। शहरभर में निर्माण सामग्री को सड़क के किनारे पर खुले में रखा जा रहा है। नगर निगम इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ऐसे में पर्यावरण प्रदूषण पर नकेल कसी जाएगी, यह उम्मीद न के बराबर ही है।
स्मॉग के लिए भी जिम्मेदार है धूल के कण
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के नियम 15 अक्तूबर से लागू हो चुके हैं। प्रदूषण को कम करने के लिए उद्योगों में जनरेटर के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। ग्रेप लागू होने के बाद से अधिकांश उद्योगों में जनरेटर का इस्तेमाल बंद भी हो गया है। गाइडलाइन में स्पष्ट तौर पर है कि निर्माण सामग्री को भी खुले तौर पर न रखा जाए। उसे ढक कर रखा जाए, जिससे धूल कण वायुमंडल में उड़कर न पहुंचे। प्रदूषण का एक बड़ा कारण यही धूल कण हैं, जो पर्यावरण को न सिर्फ तेजी से प्रदूषित करते हैं बल्कि स्मॉग के लिए भी जिम्मेदार हैं। पिछले दिनों निगमायुक्त डॉ. यश गर्ग ने प्रदूषण नियंत्रण व नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 40 टीमें गठित की थी। निगमायुक्त ने सभी टीमों को आदेश दे रखे हैं कि वे प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों पर नकेल कसें। इसके बावजूद अभी तक चालान तो दूर किसी को नोटिस तक नहीं दिया गया है।
खुले में पड़ी निर्माण सामग्री बढ़ा रही प्रदूषण
शहर के एनआईटी-1, 2, 3 व 5 के अलावा बाईपास रोड, सेक्टर-16, सेक्टर-28 सहित शहर में कई स्थानों पर खुले में निर्माण सामग्री डाली हुई है। क्रशर, बजरी के कण उड़कर हवा को प्रदूषित कर रहे हैं। तमाम गाइडलाइन जारी होने के बावजूद भी निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता किसी भी तरह की एहतियात नहीं बरत रहे हैं। वायु में प्रदूषक तत्व पीएम-10 व पीएम-2.5 का स्तर कण के वायु में बढ़ने से ही बढ़ता है। धूल, मिट्टी और धुआं सबसे ज्यादा इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। प्रदूषण के इन कारकों पर नकेल कसना सबसे अधिक आवश्यक है लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
हेल्पलाइन नंबर पर दें जानकारी
खुले में निर्माण सामग्री पड़ी होने या फिर कूड़े में आग लगने की सूचना मिलती है तो नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 9599780982 नंबर पर जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा आग लगाने वाले व्यक्ति व कूड़े में लगी आग की फोटो खींचकर भी दे सकते हैं।
नगर निगम की टीमें लोगों को जागरूक कर रही हैं। साथ ही टीम में मौजूद कर्मचारियों को ऑनलाइन चालान काटने के बारे में बताया जा रहा है। किसी स्थान पर खुले में निर्माण सामग्री पड़े होने या फिर कूड़े में आग लगाने पर फोटो खींच कर उसी के मोबाइल पर चालान भेजा जाएगा। इस चालान को ऑनलाइन भरना होगा। टीमों से नियमित रूप से चालान के बारे में रिपोर्ट ली जा रही है।
- डॉ. यश गर्ग, निगमायुक्त