बीके गोल चक्कर पर रुकती है बस, यात्रियों को होती है परेशानी
भारती दुबे
फरीदाबाद। जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बेहद खराब है। इससे यात्रियों का सफर मुश्किलों भरा होता है। वहीं, शहर के प्रमुख बस स्टैंड जर्जर हालत में पड़े हैं। इसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। बस स्टॉप के बैंच जंग खा चुके हैं। इस कारण लोगों को मजबूरन सड़क पर बैठना पड़ता है। बीके गोल चक्कर, बाटा चौक, हार्डवेयर चौक और रोज गार्डन के पास बने बस स्टैंड आज बदहाली की मिसाल बने हुए हैं। इन बस स्टैंडों की छतें टूटी पड़ी हैं, बैंच जंग खा चुके हैं और कई जगह बैंच पूरी तरह टूटे हुए हैं। इसको लेकर कई लोगों ने शिकायत भी की। लोगों ने सभी बस स्टॉप को व्यवस्थित करने को लेकर मांग भी की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
केवल एनआईटी क्षेत्र के बस स्टैंड को सजाया गया
केवल एनआईटी क्षेत्र के बस स्टैंड को सजाया-संवारा गया है, जबकि बाकी इलाकों की उपेक्षा की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि एनआईटी क्षेत्र के बस स्टैंड को संवारने में लाखों रुपये खर्च किए गए लेकिन बाकी स्टॉप पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगर निगम और परिवहन विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। टूटे-फूटे बस स्टैंडों की मरम्मत कर इन्हें सुरक्षित और उपयोगी बनाया जाए, ताकि यात्री सुविधाजनक और सुरक्षित माहौल में यात्रा कर सकें।
व्यवस्था सुधारने की मांग
बस स्टॉप की हालत बदहाल है। सरकार को चाहिए कि इन बस स्टैंडों को जल्द सुधारें। - योगेश मुदगिल, यात्री
प्रशासन की लापरवाही के कारण न केवल यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि शहर की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर जल्द सुधार नहीं किया गया तो यह अव्यवस्था किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। - मनोज पहलवान, यात्री
कई बार बस स्टैंडों की मरम्मत और व्यवस्था सुधारने की मांग की लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सरकार केवल चुनाव के समय ही बाते सुनती है। - कैलाश, यात्री
मुजेसर फाटक के पास भी निर्माण कार्य चल रहा है। हमने मुजेसर फाटक के पास भी नए बस स्टॉप बनाने को लेकर मांग की है। मगर पुराने बस स्टॉप की मरम्मत ही नामुमकिन लग रही है। - नीरज, यात्री